स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के छोटे भाई अमरजीत सिंह जीती सिद्धू को सर्वसम्मति से मेयर चुन लिया गया। इससे पहले सेक्टर-68 स्थित निगम भवन में पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह हुआ। वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व मेयर कुलवंत सिंह को चुनाव हराने वाले अमरीक सिंह सोमल को सीनियर डिप्टी मेयर व कुलजीत सिंह बेदी को डिप्टी मेयर चुना गया है। इस दौरान कोरोना नियमों की खूब धज्जियां उड़ाई गईं।
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने एलान किया है कि मेयर व सीनियर डिप्टी मेयर का कार्यकाल सिर्फ ढाई साल का है। तय समय के बाद अमरजीत सिंह सिद्धू की जगह वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रिशव जैन मेयर बनेंगे। जबकि सीनियर डिप्टी मेयर के पद की कमान नरपिंदर सिंह रंगी संभालेंगे। इस एलान से पहले ही रिश्व जैन अपने समर्थक पार्षदों के साथ चुनाव का बायकॉट कर चुके थे। उधर, आजाद ग्रुप के पार्षदों ने तीन अहम पदों में महिलाओं को नुमाइंदगी न मिलने पर बायकॉट किया।
ठीक दस बजे पार्षदों की शपथ ग्रहण प्रक्रिया हुई। डिविजनल कमिश्नर के अलावा कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू व बस्सी पठाना के विधायक मौजूद थे। विजेता बने सभी पचास पार्षदों को शपथ दिलाई गई। इसके बाद मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई। सबसे पहले आजाद ग्रुप के 11 पार्षदों ने चुनाव प्रक्रिया से बायकॉट कर दिया।
उन्होंने कहा हाउस के अहम पदों पर महिलाओं को प्रधानगी नहीं दी गई। इसी बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता रिशव जैन, उनकी पार्षद पत्नी राजरानी जैन व दो अन्य समर्थक पार्षद चुनाव प्रक्रिया से बाहर आ गए। जैन ने कहा कि वह तीन बार और उनकी पत्नी चार बार चुनाव जीते हैं लेकिन उनकी वरिष्ठता को नजरअंदाज किया गया। इसके चलते उन्होंने चुनाव में हिस्सा नहीं लिया। इसके बाद सर्वसम्मति से अमरजीत सिंह सिद्धू को मेयर, अमरीक सिंह सोमल को सीनियर डिप्टी मेयर व कुलजीत सिंह बेदी को डिप्टी मेयर चुना गया।
मोहाली नगर निगम में पचास वार्ड हैं। दस साल बाद कांग्रेस ने नगर निगम चुनाव में पचास में से 37 सीटें जीतकर कब्जा किया है। शिरोमणि अकाली दल और भाजपा इस बार चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत पाई। आजाद ग्रुप 11 और दो निर्दलीय उम्मीदवार पार्षद बनकर निगम पहुंचे थे।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- जैन को मना लेंगे, वह भी अपने हैं
वरिष्ठ कांग्रेस नेता रिशव जैन का कहना है कि वरिष्ठता के हिसाब से पहले उन्हें मेयर बनाया जाना चाहिए था। यहां तक महिलाओं की भी अनदेखी की गई। उनकी पत्नी लगातार चार बार पार्षद बनी हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि यह तो मंत्री ही जानते हैं कि ढाई साल बाद क्या होगा। हालांकि उन्हें पार्टी हाईकमान पर पूरा विश्वास है। जबकि स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जैन भी उनके अपने हैं, मना लेंगे।