मोहाली। केंद्र सरकार की ओर से पारित किए गए कृषि के नए तीन कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर सोमवार को भारत बंद की कॉल को मोहाली व्यापार मंडल ने भी अपना समर्थन दे दिया। इस दौरान मोहाली में स्थित 3000 दुकानें सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रहेंगी। हालांकि इस दौरान केमिस्ट शॉप खुलेंगी, इसके अलावा सड़कों पर भी एंबुलेंस या जरूरी सेवाओं संबंधी वाहनों आदि को नहीं रोका जाएगा, बल्कि उन्हें अलग से रास्ता दे दिया जाएगा। शुक्रवार को व्यापार मंडल और संयुक्त किसान मोर्चे की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में इस संबंधी एलान किया गया।
इस मौके पर मोहाली व्यापार मंडल के प्रधान विनीत वर्मा ने कहा कि मोहाली का व्यापारी पहले दिन से किसानों के साथ खड़ा है। जब भी किसान मोर्चे की ओर से कोई कॉल दी गई, तो व्यापार मंडल ने पूरा समर्थन दिया है। इसी तरह अब सोमवार को भारत बंद की कॉल का समर्थन किया गया है। उन्होंने कहा कि इस दौरान केवल केमिस्ट शॉप ही खुलेगी, हालांकि करियाना की दुकानों समेत सभी दुकानें बंद रहेंगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह करियाना संबंधी सामान रविवार को या सोमवार को 4 बजे के बाद खरीद लें और किसानों के संघर्ष को कामयाब बनाने में सहयोग दें। किसान नेता नच्छतर सिंह बैदवान ने कहा कि बंद के दौरान उनकी ओर से एंबुलेंस या कोई अन्य जरूरी सेवा के लिए अलग से रास्ता रखेंगे, ताकि किसी को दिक्कत न आए। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल किसानों की ही नहीं है, बल्कि हम सबकी है। ऐसे में इसे सफल बनाने के लिए सबको मिलकर काम करना होगा। इस मौके पर व्यापर मंडल के वरिष्ठ सदस्य शीतल सिंह, अकविंदर सिंह गोसल, सबरजीत सिंह पारस, किसान नेता जसपाल सिंह, गुरमेल सिंह और सोनी रसनहेड़ी समेत कई नेता मौजूद थे।
किसानों के संघर्ष में भी होंगे शामिल
इस मौके पर मोहाली व्यापार मंडल के प्रधान विनीत वर्मा ने जिला मोहाली के सभी मार्केट के प्रधानों से विनती की है कि वह इस बात को पुख्ता बनाएं कि सोमवार को सभी दुकानें बंद रखेंगे। सभी दुकानदार और व्यापारी भी संयुक्त किसान मोर्चे के संघर्ष में शामिल हों और इस संघर्ष को कामयाब बनाएं।
ऐसे चलेगा संघर्ष
व्यापार मंडल के वरिष्ठ सदस्य सरबजीत सिंह पारस ने किसान नेताओं से अपील की है कि जहां भी वह जाम या मोर्चा लगाएं, वहां पर जिम्मेदार लोग नियुक्त जरूर करें। जिससे अगर किसी को कोई जरूरी काम है तो उसको न रोका जाए और बीमार या परीक्षा देने जा रहे युवाओं को या अन्य जरूरी काम के लिए जाने वालों को जाने दिया जाए। उन्होंने कहा कि कई बार देखने में आता है कि इस तरह जबरदस्ती रास्ता रोकने के कारण कई दिक्कतें सामने आती हैं और इस कारण लड़ाई तक की नौबत आ जाती है।