मोहाली। बलौंगी से कुंभड़ा को जाने वाली व्यस्ततम रोड पर हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने भारी वाहनों पर पाबंदी लगाई थी, लेकिन निजी बस और ट्रक चालक सरेआम सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। पुलिस ने हाल ही में इस रोड पर नो-एंट्री जोन के बोर्ड भी लगा दिए हैं। परंतु फिर भी भारी वाहन चालकों पर कोई असर नहीं है। प्रशासनिक आदेश दरकिनार कर वे हादसों को दावत दे रहे हैं।
बलौंगी से श्मशान घाट होते हुए कुंभड़ा चौक जाने वाली रोड पर ट्रैफिक का सबसे ज्यादा दबाव है। सारा दिन इस रोड पर भारी तादाद में वाहन गुजरते हैं। सड़क हादसों के लिहाज से भी यह शहर की सबसे संवेदनशील रोड है। यहां अकसर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। हादसों को रोकने के लिए सबसे पहले तत्कालीन डीटीओ करन सिंह ने पिछले साल एक रूट प्लान तैयार किया था, जिसके तहत भारी वाहनों को बाहर से ही डाइवर्ट कर दो सौ फीट चौड़ी रोड से जाना था। वह योजना कागजों में ही रह गई।
इसके बाद डिप्टी कमिश्नर वरूण रूजम ने कुछ समय पहले इस संबंध में आदेश जारी किए। जिसके तहत भारी वाहनों पर सुबह छह से रात दस बजे तक पाबंदी लगा दी गई। भारी वाहनों को स्पाइस चौक से डाइवर्ट करके दो सौ फीट चौड़ी रोड से जाने के आदेश दिए गए थे। उसके बाद भी वाहन चालकों पर कोई असर नहीं हुआ। दो दिन पहले पुलिस ने नो-एंट्री जोन पर बोर्ड लगा दिए हैं, जिनमें साफतौर पर लिखा है कि दिन में भारी वाहन यहां से नहीं जा सकते। उसके बाद भी निजी बस और ट्रक वाले दो दिनों से धड़ल्ले से उसी रास्ते से जा रहे हैं। जबकि, इस रोड पर कई जगह ट्रैफिक पुलिस तैनात होती है। इन भारी वाहनों के चलते रोजाना हादसे होते हैं। कुछ दिन पहले ट्रक की चपेट में आकर बाइक सवार गंभीर जख्मी हो गया था।
सात को करेंगे मीटिंग : डीसी
डिप्टी कमिश्नर वरुण रूजम ने कहा कि नियम-कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सात मई को ही वह डीटीओ और ट्रैफिक अधिकारियों के साथ मीटिंग करेंगे। नो-एंट्री जोन का पालन कराने के लिए वाहन चालकों को जागरूक भी किया जाएगा। साथ ही सख्ती भी बरती जाएगी।