पंजाब में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बीच सूबे के पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनप्रीत बादल बुधवार को भाजपा में शामिल हो गए। उन्होंने राहुल गांधी के नाम दो पन्नों का इस्तीफा भेजकर पार्टी में अनदेखी और गुटबाजी के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा। मनप्रीत ने बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में भगवा दामन थामा। लंबे समय से पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग के साथ तनातनी के चलते वह पार्टी में हाशिए पर चल रहे थे। मनप्रीत बादल राहुल गांधी की पंजाब में यात्रा के दौरान भी नजर नहीं आए।
पांच बार विधायक रहे मनप्रीत बादल ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके करीब नौ साल के शासन में भारत कूटनीतिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनकर उभरा है। पंजाब की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य फिसल रहा है और भाजपा ही एकमात्र पार्टी है जो आने वाली चुनौतियों का मुकाबला कर सकती है। कांग्रेस छोड़ने के अपने फैसले पर उन्होंने कहा कि कोई ऐसी पार्टी में कैसे काम कर सकता है जो खुद संघर्ष कर रही हो। सिर्फ पंजाब में ही नहीं बल्कि कई राज्यों में पार्टी गुटों में बंटी हुई है।
राहुल गांधी को लिखे अपने त्यागपत्र में मनप्रीत बादल ने दावा किया कि सूबे के खजाने के लिए धन जुटाने के उनके प्रयासों के लिए सराहना की बात तो दूर, उन्हें पंजाब कांग्रेस में शर्मिंदा किया गया था। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मनप्रीत बादल की तारीफ की। गोयल ने कहा कि मनप्रीत बादल विद्वान, सरल और अनुभवी हैं और पंजाब के वित्त मंत्री रहते उन्होंने जीएसटी परिषद की बैठक के दौरान राष्ट्रीय हित से जुड़े सुझाव दिए। उनके भाजपा में शामिल होने से सिखों के साथ पार्टी का रिश्ता और मजबूत होगा।
ट्वीट कर दी जानकारी
ट्विटर पर लिखा- कांग्रेस से हुआ मोहभंग
राहुल गांधी को लिखे इस्तीफे को उन्होंने अपने ट्विटर हैंडलर पर भी पोस्ट किया। मनप्रीत बादल ने कहा कि उनका कांग्रेस से मोहभंग हो गया था। बकौल बादल- मैंने पार्टी और सरकार दोनों में अपनी ऊर्जा का हर औंस समर्पित किया है, जिसका मुझे बाकायदा सम्मान मिला है। राहुल गांधी को संबोधित करते हुए मनप्रीत बादल ने लिखा- मुझे यह अवसर प्रदान करने और अतीत में जो शिष्टाचार दिखाया उसके लिए आपको धन्यवाद देता हूं। दुर्भाग्य से पार्टी के भीतर प्रचलित संस्कृति और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मैं अब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का हिस्सा नहीं बनना चाहता।
मनप्रीत बादल का कांग्रेस छोड़ना अच्छा: वड़िंग
पंजाब कांग्रेस के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मनप्रीत बादल के पार्टी से इस्तीफे को 'अच्छा छुटकारा' करार दिया और उन्हें जन्मजात सत्ता का भूखा बताया। मनप्रीत बादल ने बुधवार को कांग्रेस से नाता तोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। वड़िंग ने ट्वीट कर कहा कि मनप्रीत बादल उस समय कांग्रेस में शामिल हुए जब उन्हें लगा कि पार्टी जीत रही है। मनप्रीत जैसे व्यक्ति के लिए सत्ता से बाहर रहने के लिए पांच साल का समय बहुत लंबा है। शहादत का रोना रोने के बजाय मनप्रीत को कांग्रेस से विश्वासघात के लिए माफी मांगनी चाहिए। वड़िंग ने एक अन्य ट्वीट में लिखा- कोई भी मीर जाफर कभी भी राजा बने रहने के लिए नहीं उभरा है, भारत के राजनीतिक इतिहास में उनका शर्मनाक भाग्य अंकित है।