लुधियाना से अब दो मंत्री होंगे। कांग्रेस सरकार ने नई कैबिनेट में विधायक आशु के के अलावा गुरकीरत कोटली का नाम भी शामिल कर लिया है। दोनों का नाम कैबिनेट में आने के बाद समर्थकों में खुशी की लहर है।
यहां बता दें कि इससे पहले विधायक भारत भूषण आशु साढ़े चार साल कैप्टन सरकार में मंत्री पद पर रह चुके हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफा देने के बाद उन्हें पहले डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा शुरू हो गई थी। यहां तक उनके समर्थकों ने पटाखे से लेकर लड्डू तक मंगवा लिए थे लेकिन शाम होते ही फैसला बदल गया। उनके लिए मंत्रिमंडल में बने रहना एक चुनौती बन गया था।
टीम राहुल गांधी का हिस्सा होने के कारण उन्हें दोबारा नई कैबिनेट में जगह मिल गई है। विधायक आशु इस बार निकाय विभाग पर अपनी नजर बनाए हुए हैं, अब देखना होगा कि आखिरकार उन्हें कौन का मंत्रालय मिलता है।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई थी। लुधियाना से विधायक राकेश पांडे पांचवीं बार विजयी रहे थे, वहीं विधायक सुरिंदर डाबर तीसरी बार। हलका वेस्ट से विधायक भारत भूषण आशु दूसरी बार विजयी हुए थे लेकिन कांग्रेस पार्टी ने विधायक राकेश पांडे और सुरिंदर डाबर को नजरंदाज कर आशु को मंत्री बनाया था। इसके बाद मंत्री पद मिलते ही आशु ने सभी महत्वपूर्ण पदों पर अपने चहेतों को तैनात कर दिया था।
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इंप्रूवमेंट ट्रस्ट चेयरमैन हो या फिर मेयर सभी उनकी टीम का हिस्सा हैं। दिल्ली कांग्रेस हाईकमान के साथ विधायक आशु की अच्छी पकड़ है, इसलिए कैप्टन सरकार के जाने के बाद नई कैबिनेट में उन्हें दोबारा शामिल कर लिया गया है। हालांकि पहले उन्हें डिप्टी सीएम का पद दिया जा रहा था, ऐन मौके पर पूरा खेल बदल गया। शनिवार दोपहर बाद जैसे नई कैबिनेट की घोषणा हुई, उसमें विधायक आशु और खन्ना से विधायक गुरकीरत कोटली को भी शामिल कर लिया गया है।