लुधियाना। सोशल मीडिया पर एक दूसरे को सबक सिखाने की बातें करने वाले अब जेलों में ही भिड़ रहे हैं। फिरोजपुर में वीरवार को जहां गैंगस्टरों के भिड़ने की खबर आई, वहीं लुधियाना की सेंट्रल जेल में भी दो गुट भिड़ गए। समय रहते जेल प्रशासन ने बीच बचाव किया, लेकिन कांग्रेसी नेता से शुभम अरोड़ा उर्फ शुभम मोटा इस वारदात में हुए सुए के हमले से घायल हो गया। सवाल उठ रहे हैं कि जेल में सुए जैसे नुकीले हथियार कैसे पहुंच रहे हैं। घायल शुभम मोटा को इलाज के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया गया है। जैसे ही जेल में दो गुटों के भिड़ने की सूचना मिली और घायल कांग्रेसी शुभम मोटा को सिविल अस्पताल लाने की सूचना मिली तो सिविल अस्पताल को पुलिस छावनी में तबदील कर दिया गया, ताकि कोई अनहोनी न हो।
शुभम अरोड़ा उर्फ शुभम मोटा ने बताया कि वह काफी समय से जेल में है। अंदर एक मनी नाम का हवालाती भी बंद है। शुभम ने आरोप लगाया कि आरोपी जेल में मिलीभगत कर नशीला पदार्थ लाता है और अन्य हवालातियों और कैदियों को सप्लाई करता है। इस बारे में पता चला तो उसने मनी को ऐसा करने से रोका, इस कारण वीरवार को दोपहर दोनों में काफी कहासुनी हुई, लेकिन इस समय बीच बचाव कर मामला शांत करा दिया गया। कुछ समय बाद दोनों गुटों के सदस्य इकट्ठा हुए और फिर भिड़ गए। शुभम ने आरोप लगाया कि मनी के पास सुए जैसी नुकीली चीज थी। मारपीट के दौरान उसने सुआ मारकर बुरी तरह से घायल कर दिया। हमलावरों ने शुभम के सिर, गर्दन और पेट के बगल में सुए से वार कर बुरी तरह से घायल कर दिया।
सिविल अस्पताल बना पुलिस छावनी
जैसे ही जेल के बाहर शुभम मोटा के घायल होने और उसे सिविल अस्पताल लाए जाने की खबर मिली तो उसके साथी सिविल अस्पताल में इकट्ठे होना शुरू हो गए। पुलिस को इसकी जानकारी मिली तो सिविल अस्पताल में भारी पुलिस बल भेज दिया गया और सिविल अस्पताल को पुलिस छावनी में तबदील कर दिया। पुलिस भी किसी अनजान व्यक्ति को आने और जाने की इजाजत नहीं दे रही थी।