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बेअदबी मामला: एसआईटी के सामने विपासना इंसां व पीआर नैन नहीं हुए पेश, अब डेरा सच्चा सौदा जाकर पूछताछ करने की तैयारी

Fri, 03 Dec 2021 06:41 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)

सार

तीन बार समन भेजने के बावजूद डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन एसआईटी के सामने पेश नहीं हुआ। अब एसआईटी सिरसा जाकर प्रबंधन से पूछताछ करने की तैयारी में है। डेरा के प्रबंधक पीआर नैन ने अपनी मेडिकल रिपोर्ट एसआईटी को भेजी है। जबकि चेयरपर्सन विपासना इंसां ने कोई जवाब नहीं भेजा है।
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लुधियाना में एसआईटी प्रमुख व आईजी एसपीएस परमार के दफ्तर के बाहर का दृश्य। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने तीसरी बार समन जारी किया लेकिन डेरा प्रबंधन हाजिर नहीं हुआ। डेरा सच्चा सौदा की चेयरपर्सन विपासना इंसां और पीआर नैन को लुधियाना के आईजी दफ्तर तलब किया गया था। पीआर नैन ने एक बार फिर से बीमार होने की बात कहते अपना मेडिकल भेज दिया है। इसमें डॉक्टर ने उन्हें चार दिन बेड रेस्ट करने को कहा है। 

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चेयरपर्सन विपासना इंसां की तरफ से कोई जवाब नहीं भेजा गया है। इस रवैये को देखते हुए अब एसआईटी डेरा सच्चा सौदा जाकर दोनों से पूछताछ करेगी। आईजी एसपीएस परमार ने बताया कि तीन बार दोनों को पूछताछ के लिए बुला चुके है, अब डेरा सच्चा सौदा (सिरसा) जाकर उनसे पूछताछ होगी।
 
गौरतलब है कि बुर्ज जवाहर सिंह वाला में एक जुलाई 2015 को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पावन स्वरूप चोरी हुआ था। 12 अक्तूबर 2015 को गांव बुर्ज जवाहर सिंह की गलियों में पावन स्वरूप के अंग बिखरे हुए थे। इस मामले में पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की। इनमें पांच डेरा प्रेमियों रणदीप सिंह उर्फ नीला, रणजीत सिंह, बलजीत सिंह, निशान सिंह और नरिंदर कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया गया, जो अब जमानत पर चल रहे हैं। 
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डेरा सच्चा सौदा की नेशनल कमेटी के तीन सदस्य संदीप बरेटा, प्रदीप कलेर और हर्ष धूरी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। इन तीनों का अभी तक कोई सुराग नहीं है।। छह जुलाई 2019 को डेरा प्रमुख को बाजाखाना थाने में दर्ज एफआईआर नंबर-62 में नामजद किया गया था।

नौ नवंबर को एसआईटी डेरा प्रमुख से पूछताछ करने रोहतक की सुनारिया जेल गई थी। सूत्रों के अनुसार उन्होंने एसआईटी को बेअदबी में किसी तरह की संलिप्तता से साफ मना कर दिया था। वह सिर्फ सत्संग और डेरा अनुयायियों को उपदेश देने का काम करते थे। डेरा में निर्णय लेने का काम प्रबंधकों का था। इसी वजह से एसआईटी के निशाने पर चेयरपर्सन विपासना इंसां और पीआर नैन आ गए। उनसे पूछताछ के लिए एसआईटी तीन बार समन भेज चुकी है लेकिन वह एसआईटी के सामने पेश नहीं हुए। 

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