लोक इंसाफ पार्टी प्रमुख व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस की मुश्किल बढ़ती जा रही है। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट हरसिमरनजीत कौर की अदालत ने दूसरी बार विधायक बैंस व अन्य आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वांरट जारी किया। इस बार वारंट को पुलिस कमिश्नर के माध्यम से किसी गजटेड अफसर को तामील करवाने का आदेश भी दिया।
बताते चलें कि पहले 18 नवंबर को अदालत ने विधायक सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था लेकिन पुलिस ने किसी आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश नहीं किया। इस बार अदालत ने 10 दिसंबर तक का समय पुलिस को दिया है।
पीड़िता के वकील हरीश राय ढांडा ने बताया कि बुधवार को पुलिस ने अदालत को बताया कि वह आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कोशिश कर रही है लेकिन कोई घर पर नहीं मिल रहा है। उन्होंने अदालत को बताया कि किस तरह वह अपनी राजनीतिक रैलियां कर रहे हैं।
पुलिस इस मामले में आरोपियों को संरक्षण दे रही है। इसलिए अदालत ने बुधवार को जारी गिरफ्तारी वारंट को पुलिस कमिश्नर को भेज किसी गजटेड अफसर को तामील करवाने के लिए कहा है। दुष्कर्म जैसे मामले में सुप्रीम कोर्ट का साफ आदेश है कि ऐसे मामलों को तेजी से निपटाया जाए। ढांडा के अनुसार अगर 10 दिसंबर तक आरोपी अदालत में पेश नहीं होते हैं, इसके बाद उन्हें पीओ करार देने की कार्रवाई शुरू हो सकती है।
पीड़िता ने पहले अपनी शिकायत पुलिस के पास दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर अदालत की शरण ली थी। अदालत के आदेश पर थाना डिवीजन नंबर छह पुलिस ने विधायक बैंस और कमलजीत सिंह, बलजिंदर कौर, जसबीर कौर उर्फ भाभी, सुखचैन सिंह, परमजीत सिंह उर्फ पम्मा और गोगी शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया था।