पंजाब विधानसभा चुनाव में लुधियाना में टिकट आवंटन का विरोध लगातार बढ़ता ही जा रहा है। कांग्रेस को लुधियाना से एक के बाद एक झटके मिल रहे है। कांग्रेस से सीनियर नेता अमरजीत सिंह टिक्का ने सोमवार को कांग्रेस से इस्तीफा देकर कई बड़े आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि साउथ हलके से टिकट की मांग की गई थी, लेकिन टिकट इसलिए काट दिया गया कि कांग्रेस के बड़े नेता उनसे टिकट के बदले हेलीकॉप्टर किराए पर मांग कर रहे थे और वह नहीं दे पाए। इसके बाद मंगलवार को पंजाब मध्यम उद्योग विकास बोर्ड के अध्यक्ष, अमरजीत सिंह टिक्का ने पार्टी और पार्टी में सभी पदों से अपना इस्तीफा दे दिया।
अमरजीत सिंह टिक्का ने आरोप लगाया कि उनकी न तो रेत की खड्ड है और न ही शराब की फैक्ट्रियां चलती हैं कि वह उत्तरप्रदेश चुनाव के लिए पार्टी को फंडिंग करे। उन्होंने कहा कि इसी कारण उनका टिकट काट दिया गया। उन्होंने कहा कि वह मीडियम इंडस्ट्री के चेयरमैन है और एक महीने की तनख्वाह पार्टी फंड में भेजते है। मगर अब पार्टी में पैसे वालों की अहमियत ज्यादा हो गई है। जिस कारण हर उस व्यक्ति को टिकट दिया गया है जिसने पैसे दिए है।
अमरजीत सिंह टिक्का ने आरोप लगाया कि पार्टी में अब पहले जैसे हालात नहीं है। अब तो मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी अपनी टिकट पैसे देकर लाए है। जो व्यक्ति रेत का या फिर शराब का कारोबार कर रहा है उसे ही टिकट दिए जा रहे हैं। नवजोत सिंह सिद्धू एक अच्छे आदमी है मगर उन्हें भी पैसे देकर ही टिकट दिया गया है। चाहे उन्होंने पैसे नहीं दिए होंगे, लेकिन उन्होंने मानसा से चुनाव लड़ रहे पंजाबी गायब सिद्धू मूसेवाला से दिलवाए हैं ताकि ज्यादा फंडिंग कर सके और उत्तरप्रदेश में चुनाव के लिए प्रियंका गांधी के लिए चॉपर भेज सकें। पंजाब में अब तक जो भी टिकट बांटे गए हैं सब फंडिंग कर ही बांटे गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की तरफ से चार बार के विधायक और सबसे सीनियर कांग्रेसी अमरीक सिंह ढिल्लों, सतविंदर बिट्टी, मलकीत सिंह दाखा और केके बावा जैसे लोगों को टिकट न देकर गलत किया है उन्हें टिकट दिया गया जिन्होंने पैसे दिए।
अमरजीत सिंह टिक्का ने सांसद रवनीत सिंह बिट्टू और मंत्री भारत भूषण आशु को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बैंस भाइयों के साथ दोस्ती निभाने के लिए उनके सामने कमजोर उम्मीदवार खड़े किए गए हैं। कड़वल पहले ही हार चुके हैं और चीमा आऊटसाइडर हैं। अगर सहीं में दोनों नेता बैंस भाइयों को हराना चाहते है तो किसी सेलीब्रिटी को उतारा जाए। एक साल से दुष्कर्म पीड़िता पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर बैंस की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बैठी है, लेकिन बिट्टू और आशु की दोस्ती के चलती बैंस पर कार्रवाई नहीं हो रही। जिस तरह पहले मदद की गई है और अब वैसे ही टिकट बेचे गए हैं।