बठिंडा। गुलाबी सुंडी के हमले से बर्बाद कपास की फसल के मुआवजे को लेकर सोमवार किसानों ने मिनी सचिवालय के तीनों गेटों के आगे धरना लगाकर केंद्र और चन्नी सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए। किसानों ने एलान किया अनिश्चितकाल समय के लिए धरना लगाया गया जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती।
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहा के बैनर तले लगे इस धरने की अगुवाई कर रहे किसान नेता जसवीर सिंह ने बताया कि मालवा एरिया में सबसे जयादा कपास की फसल पर गुलाबी सुंडी ने हमला कर पूरी फसल बर्बाद कर दी। उन्होंने कहा कि चाहे मुख्यमंत्री चन्नी ने दौरा कर खेतों में बर्बाद हुई कपास की फसल का जायजा लिया था पर आज तक पीड़ित किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया। इसके अतिरिक्त कूदरती आफत से पिछले समय के दौरान बर्बाद हुई फसल का भी किसानों को प्रदेश सरकार ने कोई मुआवजा नहीं दिया। कुछ किसानों ने कर्ज और आर्थिक तंगी से परेशान होकर खुदकुशी कर ली। किसानों द्वारा खुदकुुशी किए जाने के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार है।