विश्व रिकॉर्ड बुक में कंबल दर्ज, लुधियाना का योगदान
- फोटो : amar ujala
देश विदेश में बसने वाली 1800 भारतीय महिलाओं ने आठ माह की मेहनत के बाद हाथों से 1.20 लाख वर्ग फीट का सबसे बड़ा कंबल बनाकर विश्व रिकार्ड कायम किया है। इस कंबल के लिए लुधियाना की गंगा एक्रोवूल ने पांच लाख रुपये का यार्न मुहैया कराया है। इन सभी महिलाओं समेत गंगा एक्रोवूल का नाम गिनीज बुक में दर्ज हो गया है।
गिनीज बुक की ओर से उनको सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया है। पहले यह रिकार्ड दक्षिण अफ्रीका की महिलाओं के नाम था। यह जानकारी गंगा के कामर्शियल प्रेसिडेंट अमित थापर ने शुक्रवार को आयोजित कांफ्रेंस में दी।
इस अवसर पर हैड निटिंग यार्न मनिंदर शर्मा ने कहा कि मदर इंडिया क्रोचेट क्वीन (एमआईसीक्यू) ग्रुप की महिलाओं ने हाथ से कंबल बुनकर विश्व रिकार्ड बनाने की ठानी। इसके बाद देश विदेश में बसी 1800 महिलाओं का सहयोग लिया गया। सभी ने अपनी अपनी क्षमता के अनुसार कंबल का पीस तैयार किया और फिर इसे करीब पौने तीन एकड़ जगह में रखकर आपस में जोड़ कर एक मेगा कंबल तैयार किया गया।
महिलाओं ने 11148.5 वर्ग मीटर (120001 वर्ग फीट) का कंबल बनाकर चेन्नई में डिस्पले किया।