पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी।
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने गुरुपर्व के मौके पर तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की प्रधानमंत्री की घोषणा को किसानों की जीत और अंहकार की हार बताया है। लुधियाना में एक पत्रकारवार्ता में चौधरी ने कहा कि इन कानूनों की वापसी की घोषणा करते समय प्रधानमंत्री ने जिन शब्दों को प्रयोग किया वह निंदनीय है। मोदी ने कहा था कि कानून अच्छे थे, लेकिन वह किसानों को इनका फायदा समझा नहीं सके हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ से ट्वीट कर फैसले का स्वागत करने पर चौधरी ने कहा कि जिस समय किसानों को कैप्टन अमरिंदर सिंह की जरूरत थी, उस समय वह केंद्र सरकार के साथ खड़े थे। उनका पहले से गुप्त समझौता चल रहा था, जो अब खुलकर सामने आ चुका है।
पंजाब और यूपी चुनाव से ठीक पहले केंद्र सरकार का कानून वापस लेने के फैसले पर चौधरी ने कहा कि चुनाव को देखकर इस तरह से फैसले लेना गलत है। क्योंकि चुनाव तो हर पांच साल बाद होते रहेंगे। केंद्र सरकार को किसानों के प्रति अच्छी सोच रखकर यह काम करना चाहिए था। कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा के बाद पंजाब में भाजपा नेताओं का विरोध खत्म होने के साथ जनाधार बढ़ने पर चौधरी ने गोलमोल जवाब दिया हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर तो नहीं कहा कि इससे कांग्रेस को कितना नुकसान होगा। लेकिन इतना जरूर कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है।
उन्हाेंने कहा कि पंजाब कांग्रेस एकजुट होकर काम कर रही है, अभी हमने बीते 60 दिन में लोगों के पक्ष में कई फैसले लिए है। उन्हें लेकर हम लोगों के पास जाएंगे। प्रदेश कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू की तरफ से लगातार अपनी सरकार के खिलाफ टवीट् करने के मामले पर चौधरी ने कहा कि चाहे बेअदबी हो या फिर पंजाब की आर्थिक स्थिति हो, वह अपनी भावना व्यक्त करते हैं।