लोक इंसाफ पार्टी प्रमुख व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस की गुरुवार को दुष्कर्म मामले में मुश्किल बढ़ गई है। स्थानीय अदालत ने उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर दिया है। इससे पहले पुलिस की चार्जशीट फाइल होने के बाद अदालत ने 12 नवंबर को जमानती वारंट जारी किया था। इस मामले की सुनवाई 18 नवंबर को थी। पेशी पर विधायक बैंस सहित अन्य कोई भी आरोपी नहीं पहुंचा। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट हरसिमरन जीत कौर की अदालत ने अब गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। इस मामले पर अगली सुनवाई एक दिसंबर को होगी।
गौरतलब है कि पीड़िता ने सबसे पहले 16 नवंबर 2020 को विधायक सिमरजीत सिंह बैंस, कमलजीत सिंह, बलजिंदर कौर, जसबीर कौर उर्फ भाभी, सुखचैन सिंह, परमजीत सिंह उर्फ पम्मा और गोगी शर्मा के खिलाफ पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी थी लेकिन पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। केवल जांच के नाम पर मामले को लटकाया गया।
आखिरकार पीड़िता ने स्थानीय अदालत की शरण ली। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट हरसिमरन जीत सिंह की अदालत ने 7 जुलाई 2021 को थाना डिविजन नंबर 6 की पुलिस को मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने विधायक बैंस सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
अदालत ने इस मामले में दो माह के अंदर चार्जशीट फाइल करने के लिए कहा था, इसके बावजूद पुलिस ने लगभग चार माह के बाद चार्जशीट को 11 नवंबर 2021 को अदालत में पेश किया। अभी तक इस मामले के एक भी आरोपी को पुसिल ने गिरफ्तार नहीं किया है। पीड़िता के वकील एडवोकेट हरीश राय ढांडा ने बताया कि अदालत ने गैरजमानती वारंट जारी कर दिया है। गुरुवार को अदालत में पुलिस ने कहा कि आरोपियों को पकड़ने उनके घर गए थे लेकिन वहां उन्हें कोई नहीं मिला।