हलवारा। लुधियाना के गांव सुधार (पत्ती गिल ) निवासी कुख्यात गैंगस्टर तलविंदर सिंह उर्फ निक्कू को सीआईए स्टाफ पटियाला की टीम घर से गिरफ्तार कर ले गई। लुधियाना पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। उसके घर से चार पिस्तौल भी बरामद होने की सूचना है हालांकि पुलिस चुप्पी साधे हुए है। निक्कू की गिरफ्तारी को जालंधर में पिछले दिनों हुई अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी संदीप नंगल अंबिया की हत्या से जोड़कर देखा जा रहा है। सीआईए पटियाला के इंचार्ज शमिंदर सिंह ने बताया कि अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। जांच की जा रही है।
तलविंदर सिंह निक्कू पर दर्जनों गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह कुछ दिन पहले ही जेल से बाहर आया था। इसके बाद निक्कू ने आम आदमी पार्टी की स्थानीय लीडरशिप से अपनी नजदीकी बढ़ा ली थी। आप के रायकोट से विधायक हाकम सिंह ठेकेदार की चुनावी मुहिम में निक्कू ने बढ़ चढ़कर कर हिस्सा लिया था। निक्कू हाकम सिंह के साथ मंच साझा करता था। सूत्रों का कहना है कि निक्कू रायकोट ट्रक यूनियन का प्रधान बनना चाहता था जिसका चुनाव से पहले आप के स्थानीय नेताओं ने भरोसा भी दिलाया था। रायकोट में दबंगों का एक और गुट भी आप विधायक हाकम सिंह ठेकेदार का नजदीकी है। वह भी ट्रक यूनियन की प्रधानगी पर नजर गड़ाए बैठा है। निक्कू ने 11 मार्च को अपने गांव में विशाल कबड्डी टूर्नामेंट करवाया था। विजेता टीम को उसने लाखों रुपये और दो ट्रैक्टर भी इनाम में दिए थे।
पुलिस ने पंचायत को बैरंग लौटाया
तलविंदर सिंह निक्कू के पीछे उसे छुड़वाने गई पंचायत को सीआईए पटियाला ने बैरंग लौटा दिया। नाम न छापने की शर्त पर एक शख्स ने बताया कि वह लोग पटियाला सीआईए स्टाफ में निक्कू के बारे में जानकारी लेने और जिम्मेदारी पर उसे छुड़वाने गए थे लेकिन पुलिस ने बताया कि निक्कू के घर से 4 पिस्तौल बरामद हुई हैं। ऐसे में उसे छोड़ा नहीं जा सकता।
कैसे सामने आया निक्कू का नाम
जानकारी के अनुसार, पटियाला पुलिस ने पिस्तौल समेत एक कार चालक को दबोचा था। उससे पूछताछ में तलविंदर निक्कू का नाम सामने आया। इसके बाद पटियाला सीआईए स्टाफ ने सोमवार को निक्कू के घर दबिश देकर उसे हथियारों सहित गिरफ्तार कर लिया। पंजाब की खुफिया एजेंसी के अधिकारी निक्कू की गिरफ्तारी की पुष्टि तो कर रहे हैं लेकिन ज्यादा कुछ बता नहीं रहे हैं।
निक्कू के खिलाफ कई मामले दर्ज, कुछ में बरी कुछ चल रहे
निक्कू पर अलग-अलग थानों में कई मामले दर्ज हैं। इनमें एएसआई चमकौर सिंह, पत्रकार संतोख गिल पर जानलेवा हमले के अलावा आर्म्स एक्ट के अधीन भी केस दर्ज है। फरीदकोट जेल में मोबाइल मिलने का भी एक केस उस पर दर्ज है।