पांच दरियाओं की धरती कहे जाने वाली पंजाब के लिए कहा जाने लगा है कि अब यहां छठा दरिया नशे का बहता है। आम नशों से अलग अब एक नए नशे ने पंजाब पुलिस की चिंता को बढ़ा दिया है। यह नशा है मलाना क्रीम हशीश। यह नशा ज्यादातर रेव पार्टियों में इस्तेमाल होता है। हिमाचल प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में नौजवान पीढ़ी इसका इस्तेमाल करती है। यह नशा काफी महंगा है और इसकी छोटी सी मात्रा भी काफी खतरनाक होती है। यह नशा करने वाले को अपना होश भी नहीं रहता।
लुधियाना डिवीजन आठ की पुलिस ने एलएसडी (लीसर्जिक एसिड डाईएथिलेमाइड) और एमडीएमए (मिथाइलीनडाइऑक्सी मेथाम्फेटामाइन) ड्रग की तस्करी करने वाले छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इस नशे को अमीरों का नशा कहा जाता है। मगर अब यह आम लोगों तक भी पहुंचने लगा है।
जिन छह लोगों को थाना डिवीजन आठ की पुलिस ने पकड़ा है, उनके कब्जे से पुलिस ने 2.3 किलोग्राम मलाना क्रीम हशीश, एक ग्राम एलएसडी और छह ग्राम एमडीएमए का नशा बरामद किया गया है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने यह खुलासा किया था कि यह नशा वह हिमाचल प्रदेश के कसौल इलाके से लाए हैं। कसौल टूरिस्ट प्लेस है और देश विदेश के सैलानी यहां पर आते है। यहां पर अक्सर रेव पार्टियां होती रहती हैं। बड़े बड़े होटलों और बार रेस्तरां में रेव पार्टियों के दौरान यह नशा वहां परोसा जाता है। पंजाब पुलिस ने अब हिमाचल प्रदेश की पुलिस के साथ मिलकर इस बात पर चर्चा भी की है कि जांच की जाए कि यह नशा कहां से आ रहा है और कहां कहां परोसा जाता है।
कोडवर्ड में बिकता है नशा
नशा करने वाले ने इसके लिए कोड वर्ड रखे हुए हैं। एलएसडी नशे को कोड वर्ड में स्वर्ग का टिकट कहा जाता है। एक डाक टिकट जितनी मात्रा की कीमत छह से सात हजार रुपये तक होती है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुट गई है कि महानगर में कहां कहां रेव पार्टिया होती है।
एलएसडी देकर खरीदते हैं चरस
एलएसडी नशा लिक्विड और पेपर दोनों में मिलता है। तस्कर इस यूरोपियन देशों से मंगवा कर आगे सप्लाई कर रहे हैं। कसौल को भारत का इजराइल भी कहा जाता है क्योंकि इस इलाके में चरस की खेती अधिक होती है। इसी इलाके से विदेशी नागरिक एलएसडी देकर चरस खरीद लेते हैं। वहीं से यह आगे सप्लाई होता है।
ओवरडोज से जा सकती है जान
एमडीएमए नशे का पूरा नाम मिथाइलीनडाइऑक्सी मेथाम्फेटामाइन है। यह एक तरह का सिंथेटिक ड्रग है और इस नशे से शरीर में भी काफी बदलाव आ जाते है। इस नशे की हल्की सी ओवरडोज से व्यक्ति की जान भी जा सकती है। जिस कारण पुलिस की चिंता ओर भी ज्यादा बढ़ी हुई है।