दिनभर बंद कमरे में चली सेहत विभाग की जांच, नहीं निकला नतीजा
संवाद न्यूज एजेंसी
मानसा। शहर के डॉ. इंदरजीत सिंह गिल सिविल सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए दाखिल करवाए गए दो प्रवासी लोगों का सिविल अस्पताल में इलाज करने के बजाय उन्हें अस्पताल के डॉक्टरों के कहने पर एंबुलेंस के जरिये बाहर छोड़ने और एक व्यक्ति की मौत के मामले में सेहत विभाग की मोहाली से पहुंची टीम की ओर से दोपहर से शाम तक बंद कमरे में जांच की गई।
मोहाली से डीएचओ महेश आहूजा व एसएमओ मोहाली के नेतृत्व में पहुंची टीम की ओर से दोपहर 12 बजे से इस मामले में एसएमओ डॉ. बलजीत कौर, डॉ. आशु व स्टाफ नर्स गुरविंदर कौर से पूछताछ की गई लेकिन वे संतुष्ट नहीं हो पाए। इसके चलते रविवार को फिर से इस मामले की जांच शुरू की जाएगी।
जांच टीम ने इस मामले में एंबुलेंस चालक बब्बी सिंह, काका सिंह, सेवक सिंह व निक्का सिंह से भी पूछताछ की। बता दें कि इन एंबुलेंस चालकों की ओर से सिविल अस्पताल में दाखिल कराए गए इन प्रवासी मजदूरों की अपने स्तर पर देखरेख की जा रही थी। सिविल अस्पताल में दाखिल दो प्रवासी मजदूरों का दो सप्ताह से मानसा के सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा था। वीरवार की देर शाम सिविल अस्पताल के डॉक्टरों के कहने पर सिविल अस्पताल से उठाकर इन्हें शहर के बाहर कब्रिस्तान के पास सड़क किनारे छोड़ दिया गया था। समाज सेवी लोगों ने फिर से इन्हें सिविल अस्पताल दाखिल करवाया था। इनमें से एक मजदूर की मौत हो गई थी जबकि दूसरे का सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है।
जांच टीम के अधिकारी महेश आहुजा ने बताया कि मामले की विभागीय जांच अभी जारी है। उन्होंने बताया कि जांच मुकम्मल होने से पहले इस मामले के बारे में कुछ नहीं बताया जा सकता।
सिविल सर्जन मानसा डॉ. रंजीत सिंह राय ने बताया कि उक्त मामले में चंडीगढ़ से आई सेहत विभाग की टीम अपने स्तर पर जांच कर रही है और वे इस जांच टीम में शामिल नहीं हैं।