डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों की तरफ से अपनी फेसबुक वॉल पर डाली गई पोस्ट की तस्वीर
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शहर के सबसे चर्चित ग्रैंड मैनर्स होम मामले की जांच करने वाले डीएसपी बलविंदर सेखों पर सरकारी दबाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। डीएसपी सेखों को प्रताड़ित करने के लिए उन्हें बीते पांच माह से वेतन तक नहीं दिया गया है। वहीं उनका सरकारी वाहन और हथियार तक वापस ले लिया है। मामले की पूरी जानकारी पीड़ित डीएसपी सेखों ने फेसबुक वॉल पर दी है। इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर लोग उनके साथ सहानुभूति प्रगट कर रहे हैं, वही सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाल रहे हैं। वहीं बताया जा रहा है कि नगर निगम लुधियाना ने अंतिम सैलरी सर्टिफिकेट डीएसपी को नहीं जारी किया है। इस कारण उन्हें सैलरी नहीं मिल पा रही है। इस संबंध में डीएसपी सेखों का कहना है कि मेरे साथ जो भी हो रहा है उसे मैंने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। इससे ज्यादा वह कुछ नहीं कहना चाहते हैं।
गौर हो कि गिल रोड स्थित सुआ रोड पर आरके बिल्डर का प्रोजेक्ट ग्रैंड मैनर होम्स तैयार किया जा रहा है। आरके बिल्डर ने जनवरी 2018 में इस प्रोजेक्ट के लिए चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) कराया था। नगर निगम के कुछ अफसरों ने मिलीभगत कर आरके बिल्डर से 2014 के नोटिफिकेशन के अनुसार सीएलयू चार्जेज लिए हैं। सरकार ने 2016 और 17 में सीएलयू चार्जेज में इजाफा किया था। निगम ने 2014 के अनुसार 79 लाख 90 हजार 669 रुपये सीएलयू चार्ज लिए। जबकि 2017 के नोटिफिकेशन के अनुसार सीएलयू राशि एक करोड़ 22 लाख 83 हजार 470 रुपये बनती थी। इससे निगम को सीधे तौर पर 42.92 लाख की चपत लगी है। मामले पर कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (कैग) की जांच रिपोर्ट ने मोहर लगा दी है। वहीं मामले के शिकायतकर्ता आरटीआई एक्टिविस्ट ने कहा था कि बिल्डर ने जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम कराने से पहले सीएलयू के लिए आवेदन कर दिया था। जबकि नियमानुसार जब तक रजिस्ट्री न हो तब तक आवेदन नहीं किया जा सकता है। यह मामला सामने आने पर तत्कालीन निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू ने जांच के आदेश दिए थे। जांच का जिम्मा उस समय नगर निगम लुधियाना में तैनात डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों को दिया गया था। उन्होंने ने भी जांच रिपोर्ट में बड़े स्तर पर मिलीभगत का खुलासा किया था। इसके बाद कांग्रेसी मंत्री भारत भूषण आशु के साथ उनका विवाद शुरू हो गया। अब डीएसपी बलविंदर सिंह को फर्स्ट कमांडेंट बहादुरगढ़ में तैनाती दी गई है। डीएसपी बलविंदर सिंह मामले को लेकर अभी तक लड़ाई जारी रखे हैं। मामले को वह सोशल मीडिया पर जिंदा रखे हैं।