एयरफोर्स स्टेशन हलवारा में बनने जा रहे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए 162 एकड़ जमीन का कब्जा प्रशासन शुक्रवार को लेने जा रहा है। 272 किसानों की जमीन इस एयरपोर्ट के लिए ली जा रही है, लेकिन अभी तक सिर्फ तीन किसानों तक ही मुआवजा राशि पहुंच सकी है। प्रशासन के इस फैसले से गांव एतिआणा के किसानों में आक्रोश है। उनका कहना है कि सरकार लॉक डाउन का फायदा उठाकर यह कर रही है। इस समय वह विरोध करने के लिए बाहर नहीं जा सकते क्योंकि प्रशासन उन्हें गिरफ्तार कर सकता है।
ग्लाडा की तरफ से जमीन को कब्जे में लेकर इसे एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया का सौंप दिया जाएगा। गांव एतिआणा के सरपंच लखबीर सिंह ने बताया कि वीरवार की सुबह उसके पास पहले लैंड एकुजेशन कलेक्टर भूपिंदर सिंह का फोन आया था। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को जमीन का कब्जा लिया जाएगा। वहीं कुछ समय बाद रेवेन्यू पटवारी ने भी उन्हें फोन कर जमीन पर कब्जा लेने की सूचना दे दी है। सरकार ने अभी तक सिर्फ तीन लोगों को ही मुआवजा राशि दी है।
यही नहीं पुनर्वास भत्ते के तौर पर 272 किसानों ने आवेदन किया था। पहले सरकार ने सिर्फ 60 किसान परिवारों को यह भत्ता देने की बात कही थी, लेकिन जब उन्हें बताया गया कि जमीन के दस्तावेज में दुरुस्ती न होने के कारण यह आकंड़ा कम है। अब सरकार ने 129 लोगों को पुनर्वास भत्ता देने की सूची तैयार की है। सरकार कोरोना संक्रमण के कारण चल रहे लॉक डाउन का फायदा उठाकर जमीन पर कब्जा लेना चाहती है, जो गलत है।
ग्लाडा की तरफ से एयरपोर्ट के लिए 162 एकड़ जमीन का कब्जा लिया जाएगा। इसे आगे एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया को सौंप दिया जाएगा। जहां तक मुआवजा देने की बात है, हम फरवरी से किसानों को मुआवजा लेने की मिन्नत कर रहे है। लेकिन वह लेने के लिए तैयार नहीं है। कब्जा लेने के बाद किसान मुआवजा राशि ले सकता है।
- भूपिंदर सिंह, लैंड एकुजेशन कलेक्टर