टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला मुक्केबाजों की सफलता से लुधियाना के गांव चकर के लोग बेहद उत्साहित हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि 30 जुलाई को इस गांव की बेटी सिमरनजीत कौर अपना पहला ओलंपिक मुकाबला खेलेगी। मुक्केबाज सिमरनजीत कौर बाठ की मां राजपाल कौर का कहना है कि पहले मुकाबले में बेटी बुलंद हौसले के साथ उतरेगी। सिमरनजीत 60 किलोग्राम भार वर्ग में अपनी प्रतिभा दिखाएंगी। सिमरनजीत की जीत के लिए पूरा गांव अरदास कर रहा है।
सिमरनजीत कौर की मां राजपाल कौर बताती है कि सिमरनजीत कौर को इस मुकाम पर पहुंचाने में पूरे परिवार, अकादमी संचालकों व गांववालों का सहयोग रहा है। सभी को सिमरनजीत कौर से मुक्केबाजी में गोल्ड लाने की उम्मीद है। वह खुद भी बेटी की जीत के लिए सुबह शाम गुरुद्वारा साहिब में अरदास करने जाती हैं। उन्हें पूरी उम्मीद है कि उनकी बेटी देश का नाम जरूर रोशन करेगी।
चकर स्पोटर्स अकादमी के संचालक डॉ. बलवंत सिंह संधू ने बताया कि 2005 से इस अकादमी में सैकड़ों मुक्केबाज तैयार किए गए थे और उनमें से पांच मुक्केबाजों ने तो देश-दुनिया में अकादमी का नाम रोशन किया है। अकादमी की मनदीप कौर ने 2015 में विश्व चैंपियनशिप में जूनियर विंग में स्वर्ण पदक जीता था। हरप्रीत कौर ने इनविटशेन इंटरनेशनल कंपटीशन में कांस्य पदक जीता। शविंदर कौर ने इनविटेशन इंटरनेशनल कंपटीशन में सिल्वर पदक जीता था। संदीप सिंह प्रोफेशनल बॉक्सर हैं और इंटरनेशनल स्तर के प्रोफेशनल बाक्सिंग मुकाबले खेलने जाता है।
उन्होंने बताया कि बाक्सर हरप्रीत कौर इस समय इंडियन तिब्बतन बार्डर फोर्स में तैनात है और शविंदर कौर पंजाब पुलिस में कांस्टेबल है। विश्व विजेता मुक्केबाज मनदीप कौर सीनियर विंग के अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की तैयारी में जुटी है। संचालक डॉ. बलवंत सिंह संधू ने कहा कि अब हमारी सब की वाहेगुरु से अरदास है कि मुक्केबाज सिमरनजीत कौर टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीत कर आए। उनकी अकादमी में लड़के-लड़कियों को मुक्केबाजी का फ्री प्रशिक्षण दिया जा रहा है।