पंजाब सरकार द्वारा लुधियाना के डीसी वरिंदर शर्मा का तबादला करने के फैसले पर चुनाव आयोग ने अपनी सहमति नहीं दी है। पंजाब के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर वोटर लिस्ट में संशोधन का काम चल रहा है। डीसी वरिंदर शर्मा लुधियाना के चुनाव अफसर भी हैं। इसलिए उनका तबादला करने से पहले चुनाव आयोग से इजाजत मांगी गई थी लेकिन आयोग ने मना कर दिया।
लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की जमीन नीलामी पर विवाद उठने के बाद डीसी वरिंदर शर्मा ने साफ कर दिया था कि उन्होंने जमीन नीलामी के लिए बैठक में कोई साइन नहीं किए थे। इसके बाद वह एक मंत्री के निशाने पर आ गए थे। उनका तबादला करने के लिए मंत्री सरकार पर दबाव बनाए हुए थे। इसलिए सरकार ने तबादले से पहले चुनाव आयोग से इजाजत देने के लिए कहा था।
इस बात की भनक लगते ही आम आदमी पार्टी ने अपना मोर्चा खोल दिया था। आप नेताओं का साफ कहना था कि ईमानदार अफसर को जानबूझ कर निशाना बनाया जा रहा है। इस बाबत उन्होंने चुनाव आयोग को पत्र लिखा था कि उनका तबादला करने की इजाजत न दी जाए। आप नेता प्रदेश चुनाव आयोग अधिकारी के मिलकर अपनी बात रखने के लिए भी गए थे।