लुधियाना। साहनेवाल से पश्चिम बंगाल के धनकुनी तक जाने वाले 1839 किलोमीटर लंबे ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण कार्य दिसंबर 2022 के अंत तक पूरा हो जाएगा। फ्रेट कॉरिडोर के शुरू होते ही मालगाड़ियां 100 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से दौड़ने लगेंगी। इससे माल ढुलाई के कारोबार में तेजी आएगी और रेलवे राजस्व करीब तीन गुना तक की वृद्धि होगी। इसके साथ ही यात्री ट्रेनों का संचालन भी आसान हो जाएगा।
डीआरएम ने लिया काम का जायजा
फिरोजपुर रेल मंडल की डीआरएम (डिवीजनल रेलवे मैनेजर) सीमा शर्मा ने बुधवार को फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण कार्य का जायजा लिया। इस कार्य को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर 6 राज्यों से होकर गुजरेगा। इसकी लंबाई पंजाब में 88 किलोमीटर, हरियाणा में 72 किलोमीटर, उत्तर प्रदेश में 1076 किलोमीटर, बिहार में 236 किलोमीटर, झारखंड में 199 किलोमीटर और पश्चिम बंगाल में 202 किलोमीटर के लगभग होगी।
समय नहीं होगा बर्बाद
डीआरएम ने बताया कि मौजूदा समय में यात्री ट्रेन को निकालने के लिए मालगाड़ी रोकनी पड़ती है। इससे मालगाड़ियों का समय बर्बाद होता है और गंतव्य तक पहुंचने में देरी होती है। फ्रेट कॉरिडोर के बनने से मालगाड़ियों की आवाजाही अलग हो जाएगी। इससे मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ेगी और बुक माल को तय समय के भीतर गंतव्य तक पहुंचाया जा सकेगा।