शराब के नशे में धुत गुड़े गांव के युवक ने अर्जुन अवार्ड से सम्मानित मरहूम आर्मी अफसर गुरदयाल सिंह मल्ली की गांव के बास्केटबाल ग्राउंड में स्थापित प्रतिमा को तोड़कर जला दिया। आरोपी की पहचान मनजिंदर सिंह काका के रूप में हुई है।
थाना दाखा की पुलिस ने काका के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार भी कर लिया है। पुलिस घटना में शामिल अन्य लोगों के बारे में काका से पूछताछ कर रही है। भारतीय फौज के जांबाज सैनिक और बास्केटबाल खेल में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का कई बार प्रतिनिधित्व कर चुके खिलाड़ी गुरदयाल सिंह का 10 अक्तूबर 1993 में निधन हो गया था। उसके बाद सम्मान में गांववासियों ने बास्केटबाल खेल स्टेडियम बनवाया और वहीं पर उनकी प्रतिमा स्थापित कर दी। गुरदयाल सिंह को 1968 में अर्जुन अवार्ड मिला था।
आरोपी काका का कहना है कि पिछले दिनों गांव में करवाए गए बास्केटबाल टूर्नामेंट के दौरान जब महिला टीमों के बीच मुकाबला हो रहा था तो आयोजकों ने उस पर छेड़खानी करने का आरोप लगाते हुए बेइज्जत किया था। तब से वह बदले की आग में जल रहा था और टूर्नामेंट कमेटी को सबक सिखाना चाहता था। बुधवार रात मौका पाकर उसने प्रतिमा को तोड़कर जला दिया। मुकदमे के शिकायतकर्ता बलवंत सिंह ने पुलिस को बताया कि नवंबर 2021 में उनके चाचा गुरदयाल सिंह की याद को समर्पित बास्केटबाल टूर्नामेंट करवाया गया था। आरोपी मनजिंदर सिंह काका ने टूर्नामेंट के दौरान महिला टीमों पर पत्थर फेंके थे। इस कारण उसे डांट फटकार कर वहां से भगा दिया गया था। उन्हें ये समझ में नहीं आ रहा कि देश विदेश में गांव का नाम रौशन करने वाले उनके चाचा गुरदयाल सिंह की प्रतिमा को काका ने क्यों खंडित किया, जबकि उसकी रंजिश तो अन्य लोगों से थी। जांच अधिकारी एएसआई हमीर सिंह ने कहा कि आरोपी काका ने शराब के नशे में प्रतिमा को तोड़कर जलाया है, उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।