प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रावण मास के नवरात्रे शुरू हो चुके हैं और पंजाब के कोने-कोने से संगत माता नैना देवी दर्शनों के लिए जा रही है। मगर इस बार करोना के चलते हिमाचल सरकार द्वारा कहा गया है कि अगर हिमाचल प्रदेश में एंट्री करनी है तो श्रद्धालुओं के लिए कोरोना टेस्ट या दो वैक्सीन लगी होनी चाहिए।
इस कारण माता नैना देवी जाने वाली संगत काफी परेशानी झेल रही है। श्रद्धालु कहीं पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और कहीं पुलिस के साथ बहस करते हुए नजर आए। श्रद्धालुओं ने परेशानी के चलते पंजाब हिमाचल बॉर्डर पर गांव कोला वाला टोबा पर धरना लगा दिया। हर साल सावन माह के नवरात्रों में पंजाब के कोने-कोने से श्रद्धालु पैदल यात्रा साइकिल पर और गाड़ियों में माता नैना देवी नतमस्तक होने पहुंचती है। कोरोना वायरस के चलते हिमाचल सरकार सख्त हो गई है। हिमाचल सरकार ने जहां हिमाचल एंट्री पर करोना टेस्ट और वैक्सीन की दोनों डोज लगी होने की शर्त रखी है, मगर पंजाब से हिमाचल जाने वाले श्रद्धालु इस बात से इतेफाक नहीं रखते।
श्रद्धालुओं का कहना है कि हिमाचल सरकार को यह शर्त एक महीना पहले बता देनी चाहिए थी। अब वह कहां जाकर टेस्ट करवाएं और कहां वैक्सीन लगवाएं। कई श्रद्धालु तो कई दिनों से पैदल यात्रा पर हैं। हिमाचल सरकार द्वारा बॉर्डर पर टेस्ट की सुविधा भी नहीं दी गई है। काफी देर माहौल तनावपूर्ण बना रहा इसके बाद डीसी बिलासपुर पंकज राय, एसडीएम श्री आनंदपुर साहिब केशव गोयल ने जाकर मौका संभाला।