अबोहर में लावारिस पशुओं की समस्या जानलेवा होने लगी है। गुरुवार सुबह गांव पंजाबा में सड़क किनारे जा रही एक महिला को एक पशु ने टक्कर मार दी। इससे वह और उसकी गोद से बच्चा सड़क किनारे गिर गए। इसी दौरान हरे चारे से भरी एक ट्रैक्टर ट्रॉली चार साल के बच्चे के ऊपर से गुजर गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बच्चे का शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव पंजाबा निवासी सुरजीत की पत्नी सोचाबाई गुरुवार अपने चार वर्षीय बेटे पवन को गोद में लेकर अपनी बहन सुनीता के साथ गांव में ही दर्जी के पास सूट लेने जा रही थी और सोचाबाई की डेढ़ वर्षीय बेटी सोनिया को सुनीता ने अपनी गोद में ले रखा था। यह दोनों जब गांव में ही स्थित चक्की के पास पहुंचीं तो रास्ते में खड़े दो पशुओं में से एक ने सोचाबाई को पीछे से टक्कर मार दी जिससे वह बच्चे सहित सड़क पर गिर गई और उसी समय वहां से गुजर रहे एक ट्रैक्टर ट्राली का पिछला टायर बच्चे के ऊपर से निकल गया।
इससे पवन कुमार बुरी तरह से घायल हो गया। आसपास के दुकानदार उसे तुरंत लेकर सरकारी अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह सारी घटना पास ही एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इस घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक पवन दो बहनों का इकलौता भाई था। पिछले ही माह इसी गांव के दो बच्चों की पानी वाली डिग्गी में डूबने से मौत हो गई थी।
यूके से लौटी युवती को कैंटर ने कुचला
उधर, जालंधर के मकसूदां मंडी के पास गंदे नाले के ऊपर कैंटर के कुचले से यूके से लौटी एक्टिवा सवार युवती की मौत हो गई। युवती को कुचलने के बाद कैंटर ड्राइवर ने भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने लोगों की मदद से उसे पकड़ लिया। पुलिस की जांच में सामने आया कि हादसे में मृत 27 वर्षीय तेजिंदर कौर कुछ समय पहले इंग्लैंड से आई थी, उसके पति कनाडा में रहते हैं। वह माडल टाउन में ब्यूटीशियन का कोर्स कर रही थी। कोर्स पूरा होने के बाद उसे भी कनाडा जाना था।
गांव लिद्दड़ां की रहने वाली तेजिंदर कौर घर से गुरुवार सुबह ब्यूटी पार्लर जाने के लिए निकली थी। जब वह मकसूदां मंडी के पास पहुंची तो वहां अचानक एक कैंटर ने उसे कुचल दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पास में ही पुलिस का नाका लगा था। दुर्घटना को अंजाम देने के बाद ड्राइवर कैंटर से उतरकर भाग निकला लेकिन लोगों और पुलिस ने पीछा कर उसको काबू कर लिया। ट्रैफिक पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं। हादसा करीब 11 बजे के आसपास हुआ जबकि सुबह 8 बजे के बाद शहर में भारी वाहनों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है, इसके बावजूद कैंटर कैसे इस रोड से निकल रहा था? इसको लेकर पुलिस की कारगुजारी पर अंगुलियां उठ रही हैं।