उन्होंने विरोध किया तो लुटेरों ने पहले नवनीत के हाथ पर तेजधार हथियार मारकर घायल कर दिया। उसके बाद गोली चला दी। गोली सीधे अमृता नंदा के जांघ पर लगी। और छर्रे ढाई साल की बच्ची को भी लगे थे। आरोपियों ने दफ्तर से 5.80 लाख कैश, लैपटाप, मोबाइल और सामान लूट लिया था। लोगों के आने पर आरोपी अपनी एक बाइक छोड़कर भाग गए थे। दूसरी बाइक कुछ दूरी पर पुलिस ने बरामद की। जिसके बाद केस दर्जकर जांच शुरू कर दी गई। सीआईए की पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए आरोपियों को काबू कर लिया।
सरगना छह साल रहा जेल में, छह महीने पहले बाहर आकर बनाई योजना
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत भुल्लर ने बताया कि बोबी गिरोह का मुख्य सरगना है। उसके खिलाफ महानगर के अलग-अलग पांच थानों में केस दर्ज है। जो पिछले छह सालों से जेल के अंदर ही था। वह छह महीने पहले ही जमानत पर बाहर आया था। जिसने जेल से बाहर आने के बाद शलिंदर मिश्रा उर्फ जोनी बाबा, सुनील कुमार और अन्य तीन साथियों के साथ मिलकर बड़ी वारदात की योजना तैयार की थी। इन छह महीनों के अंदर आरोपियों ने जगरांव, रायकोट और अन्य जगहों पर भी चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी सुनील कुमार ढंढारी खुर्द का रहने वाला है। जिसने श्रीवास्तव मनी एक्चेंजर शॉप की रेकी की थी। सूत्रों की माने तो आरोपी ने शॉप पर पहुंच कर पैसे भी ट्रांसफर करवाए थे। जिससे वह शॉप में कौन-कौन है और कितने बजे तक बैठते है, इसका पता लगा सके। पुलिस का कहना है कि आरोपी सुनील ने ही सारा प्लान तैयार किया था।
लूट के बाद भी करते थे चोरी
पुलिस के मुताबिक आरोपी इतने शातिर है कि लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद भी आरोपी चुप होकर नहीं बैठे। आरोपियों ने इसके बाद जगरांव और रायकोट के इलाके में एक मोबाइल शॉप को निशाना बनाया था फिर साहनेवाल के इलाके में एक दुकान पर चोरी की वारदात की थी।
लूट की वारदात करने वाले तीन आरोपियों के साथ-साथ पुलिस ने अन्य दो आरोपियों को भी पकड़ा है। जिसमें एक आरोपी अशोक मसीह है, जोकि कबाड़ी है। जबकि दूसरा अशोक कुमार है, जोकि मोबाइल शॉप चलाता है। ये दोनों, आरोपियों से चोरीशुदा सामान खरीद कर उन्हें आगे बेच देते थे। पुलिस अब इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है।