पंजाब के लुधियाना के गांव रछीन के रहने वाले गुरचरण सिंह की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। सीआईए वन की टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद हत्याकांड का खुलासा हुआ। दोनों आरोपी गुरचरण सिंह के अच्छे दोस्त थे। लेन-देन के चक्कर में आरोपियों ने गुरचरण सिंह की हत्या कर दी।
आरोपियों ने शव को पैक किया और गाड़ी से लेकर श्री कीरतपुर साहिब पहुंचे। यहां उन्होंने शव को विसर्जित कर दिया। आरोपियों ने बताया कि मृतक के परिवार में कोई नहीं है और वह उसके अच्छे दोस्त हैं। आरोपियों ने मृतक गुरचरण सिंह की आत्मिक शांति के लिए पाठ भी करवाया। पुलिस ने इस मामले में मलेरकोटला के जलवाना निवासी गुरविंदर सिंह गुरी और गुरमीत सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है।
पुलिस कमिश्नर मंदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि गांव रछीन निवासी भूपिंदर सिंह ने थाना डेहलों की पुलिस को शिकायत दी थी कि उसके पिता गुरचरण सिंह करीब एक सप्ताह पहले घर से बिना किसी को बताए चले गए हैं लेकिन घर नहीं लौटे। परिवार ने हत्या होने का शक जताया था। जब पुलिस ने जांच की तो पता चला कि आरोपियों का गुरचरण सिंह के साथ सुअर का कारोबार था। दोस्ती भी अच्छी थी।
फरवरी में आरोपियों ने एक साथ शराब पी थी। इसके बाद पैसे के मामले में आपस में कहासुनी होने लगी। आरोपियों ने गुरचरण को तुरंत मौत के घाट उतारने की साजिश रची। वहीं, गुरचरण को पीटा और लोहे की ग्रिल से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपियों ने शव को पैक किया और आल्टो कार से शव श्री कीरतपुर साहिब लेकर पहुंचे।
खुद को बताया अच्छा दोस्त
श्री कीरतपुर साहिब पहुंचने पर आरोपियों ने बताया कि वह मृतक के अच्चे दोस्त हैं। मृतक के परिवार में कोई नहीं है। उसकी आखिरी इच्छा थी कि उसे श्री कीरतपुर साहिब में विसर्जित किया जाए। इसके बाद श्री कीरतपुर साहिब में आरोपियों ने संबंधित पदाधिकारी के सामने ही शव को विसर्जित कर दिया। अगले दिन आरोपियों ने उसकी आत्मिक शांति के लिए पाठ का भोग भी डलवाया। गुरचरण के परिवार से सभी आरोपी बहुत हमदर्दी जता रहे थे। कई बार ढूंढने भी गए। आरोपियों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने की काफी कोशिश की।