लुधियाना। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को जिन कारणों के चलते अपनी गद्दी छोड़नी पड़ी, अब चरनजीत सिंह चन्नी भी कुछ उसी राह पर चल पड़े हैं। महानगर में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के होर्डिंग उतरने के बाद अब चन्नी के होर्डिंग लग गए हैं। इन होर्डिंग में सरकार की घोषणाओं को भी पूरे किये काम की तरह दिखाया गया है।
तबाह हुए नरमे का सही मुआवजा देने की बात होर्डिंग में कही गई है। जबकि, असलीयत यह है कि अभी सरकारी बाबू मुआवजा राशि की गणना में लगे हैं। हैरानीजनक बात है कि साढ़े चार साल के कार्यकाल में कांग्रेस ने क्या किया, इस संबंध में एक भी शब्द होर्डिंग में नहीं है। नए होर्डिंग को लेकर विपक्षी नेताओं ने फिर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
गौरतलब है कि महानगर में कैप्टन सरकार ने साढ़े चार साल में किए कामों के होर्डिंग लगाए थे। इसमें स्मार्ट स्कूल से लेकर सरकारी नौकरी देने के सभी वायदे लिखे गए थे। इन सभी होर्डिंग को लेकर वह खुद अपनी पार्टी के नेताओं के निशाने पर आ गए थे।
उनके इस्तीफा देने के बाद सभी होर्डिंग को हटा दिया गया था। अब चन्नी के मुख्यमंत्री बनने के बाद सोमवार से नए होर्डिंग लगाने का काम शुरू कर दिया गया। इन होर्डिंग में ऐसी बातें लिखी गई है जो अभी तक सिर्फ ऐलान हैं। तबाह हुए नरमे का सही मुआवजा देने का दावा होर्डिंग में किया गया है। जिसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है और सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है।
क्योंकि, अभी सरकार ने गुलाबी सुंडी से तबाह हुए नरमे की गिरदावरी करने के आदेश दिए हैं। इसमें अभी तक मुआवजा तय नहीं हुआ है। लेकिन होर्डिंग पर ऐसा दर्शाया गया है जैसे मुआवजा देना शुरू कर दिया गया हो।
उधर, आम आदमी पार्टी के लोकसभा इंचार्ज अमन मोही का कहना है कि अगर कांग्रेस सरकार ने कुछ काम किए होते तो उन्हें इस तरह होर्डिंग लगाने की जरूरत नहीं होती। नरमे का मुआवजा अभी तक एक भी किसान को नहीं मिला। जबकि, होर्डिंग के जरिये बड़े दावे किए जा रहे हैं। इस होर्डिंग का खर्च भी पंजाब के खजाने पर होगा। जिसकी भरपाई पंजाब के लोग टैक्स के तौर पर करेंगे।
लुधियाना में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के होर्डिंग उतरने के बाद नवनियुक्त सीएम चरन- फोटो : LUDHIANA