संगरूर के गांव घराचों में मुख्यमंत्री भगवंत मान को शहीद भगत सिंह की तस्वीर देकर सम्मानित करते लो?
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संगरूर। शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जन्मदिवस के अवसर पर वीरवार देर शाम गांव घराचों में एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान विशेष तौर पर पहुंचे।
इस मौके सीएम मान ने कहा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह की विचारधारा देश की सभी समस्याओं का समाधान है। शहीद भगत सिंह समानता, संप्रदायिक सद्भावना और भाईचारक सांझ के प्रतीक थे। शहीद-ए-आजम ने भ्रष्टाचार और बेइंसाफी से मुक्त समाज की कल्पना की थी। ऐसी विचारधारा ही भारत को दुनिया का अग्रणी देश बना सकती है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के अथक प्रयासों से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा गया है। विरोधी दलों के नेताओं को धैर्य रखना चाहिए, क्योंकि हवाई अड्डे से संबंधित सभी मसले जल्द हल किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए सभी को मिल कर प्रयास करने होंगे। राज्य की पुरातन शान को बहाल करना समय की जरूरत है। शहीद भगत सिंह एक व्यक्ति ही नहीं बल्कि एक संस्था थे। उन्होंने कहा कि देश और खासकर राज्य की तरक्की के लिए हमें उनके नक्शे कदम पर चलना चाहिए।
राज्य सरकार शहीद भगत सिंह और अन्य महान स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को पूरा करने के लिए पहले ही हर संभव यत्न कर रही है। लोक भलाई स्कीमों का लाभ जमीनी स्तर तक लोगों तक पहुंचाने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी। नौजवानों के विदेशों की तरफ जाने के रुझान पर चिंता जाहिर करते मुख्यमंत्री ने कहा कि महान शहीद ने विदेशियों को बाहर निकालने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी, परंतु हमारे नौजवान अब उन देशों में ही रोजगार प्राप्त करने के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस रुझान को रोकने के लिए हर संभव यत्न करेगी। राज्य में रोजगार के मौके पैदा करने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।