चंडीगढ़। पंजाब में तीन दिन से चल रही 108 एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल आगे भी जारी रहेगी। वीरवार को चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में 108 इंप्लाइज एसोसिएशन पंजाब के पदाधिकारियों की स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह की अध्यक्षता में बुलाई बैठक बेनतीजा रही। हड़ताल से यात्री परेशान रहे।
जानकारी के अनुसार 108 इंप्लाइज एसोसिएशन पंजाब की अहम बैठक स्वास्थ्य मंत्री और विभाग के उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में हुई, जिसमें अन्य संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। दोपहर बाद करीब 3:30 बजे शुरू हुई बैठक में एंबुलेंस कर्मियों ने अपनी मांगों का पुलिंदा स्वास्थ्य मंत्री के सामने रखा।
स्वास्थ्य मंत्री की ओर से मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया गया। साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने उन्हें मुख्यमंत्री से जल्द मुलाकात का आश्वासन दिया, लेकिन यूनियन शुक्रवार को ही सीएम से बैठक को लेकर अड़ी रही।
108 इंप्लाइज एसोसिएशन पंजाब के राज्य प्रधान मनप्रीत सिंह निज्जर ने बताया कि यूनियन ने बैठक में अपनी मांगों को मानने की बात रखी, लेकिन मंत्री की ओर से कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इस पर उन्होंने शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ बैठक बुलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर उनकी सीएम से शुक्रवार को मुलाकात नहीं होती है तो हड़ताल यूं ही जारी रहेगी। यूनियन मांगें माने जाने तक अपना संघर्ष करेगी। इस दौरान राज्य भर में करीब 14,500 कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। यूनियन की ओर से सभी एंबुलेंस को टोल प्लाजा पर खड़ा किया गया है। वाहनों को तभी हटाया जाएगा, जब उनकी मांगों पर गौर होगा। बैठक में राज्य उपाध्यक्ष अमनदीप सिंह, विक्रमजीत सिंह के अलावा राष्ट्रीय भगवा सेना के प्रधान पंकज विवेसा, वाल्मीकि धर्म समाज की ओर से बाबा नछत्तर सिंह आदि मौजूद रहे।
ये हैं एंबुलेंस कर्मियों की मांगें
सभी 108 एंबुलेंस को सरकार अपने अधीन करे
निकाले गए कर्मचारियों को बिना शर्त बहाल किया जाए
हरियाणा की तर्ज पर 35 से 40 हजार रुपये मिले वेतन
सभी कर्मचारियों का 50 लाख रुपये का बीमा किया जाए
12 के बजाय ड्यूटी के 8 घंटे तय हों
निजी वाहनों का लेना पड़ा सहारा
अमृतसर/बठिंडा/लुधियाना/जालंधर। एंबुलेंस 108 कर्मचारियों की हड़ताल से अमृतसर में निजी एंबुलेंस व निजी वाहनों की सहायता से रोगियों को अस्पताल में लेकर जाना और लेकर आना पड़ा। जिस से उनको निर्धारित रेटों से दो से तीन गुणा अधिक रेट निजी वाहन चालकों को अदा करने पड़े। बठिंडा-मानसा जिले के सभी कर्मचारियों ने 108 एंबुलेंस को अपने साथ लेकर लुधियाना पहुंचे और वहां पर राज्यस्तरीय रोष प्रदर्शन किया। वहीं, लुधियाना में 325 एंबुलेंस को सड़क किनारे खड़ा कर दिया गया। एंबुलेंस चालकों ने वीरवार को लाडोवाल टोल प्लाजा पर धरना प्रदर्शन किया। इसके अलावा जालंधर में भी मरीजों को परेशान होना पड़ा। इस दौरान शवों को ले जाने के लिए भी निजी वाहनों का इस्तेेमल करना पड़ा। 108 एंबुलेंस कर्मियों का कहना है कि अब वह अपना हक पाने के लिए आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूरहो गए हैं। संवाद