खुदकुशी करने वाले किसान के भतीजे को तीन लाख रुपये का चेक सौंपते अधिकारी।
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केंद्र सरकार के कृषि अध्यादेशों के विरोध में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की कोठी आगे जहर निगल खुदकुशी करने वाले किसान प्रीतम सिंह के परिवार एवं प्रशासन में शनिवार दोपहर समझौता हो गया। इसके बाद मृतक किसान के भतीजे को आर्थिक सहायता के तौर पर तीन लाख रुपये का चेक सौंपा गया। अधिकारियों ने परिवार के एक सदस्य को नौकरी और सारा कर्ज माफ करने की सरकार से सिफारिश करने का आश्वासन दिया।
भाकियू उगराहां के नेता जोगिंदर सिंह ने बताया सर्किट हाउस में दोपहर को हुई बैठक में मृतक किसान के परिवार, कई किसान संगठनों, बठिंडा के डीसी, मुक्तसर के एसएसपी समेत कई प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। परिवार ने प्रशासनिक अधिकारियों की बातें मान लीं। किसान नेता जोगिंदर सिंह ने बताया कि इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मृतक किसान प्रीतम सिंह के भतीजे बिंदर सिंह को तीन लाख रुपये का चेक सौंपा। प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मृतक किसान के परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के लिए सरकार को सिफारिश की जाएगी और परिवार पर जो भी कर्ज होगा, उसे माफ किया जाएगा।
किसान नेता ने बताया कि मृतक किसान के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद उसके पैतृक गांव अक्कावाली में अंतिम संस्कार किया जाएगा। उन्होंने बताया किसान प्रीतम सिंह से शव का पोस्टमार्टम रविवार को होगा। बैठक में बठिंडा के डिप्टी कमिश्नर बी श्रीनिवासन, एसएसपी मुक्तसर , एसडीएम गिदड़बाहा के अलावा कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
काका जी हमारा भी तो परिवार है: किसान
कृषि अध्यादेेशों के विरोध में मिनी सचिवालय के समीप चल रहे धरने में शामिल किसान बलदेव सिंह ने कहा कि काका जी हमारा भी तो परिवार है, हम परिवार छोड़कर सड़कों पर रातें काट रहे हैं। कृषि अध्यादेशों से किसानों की फसल बडे़ घराने अपनी मनमर्जी की कीमत पर खरीदेंगे। इससे किसानों को बडे़ स्तर पर आर्थिक नुकसान होगा। किसान ने कहा कि अगर मोदी सरकार किसानों की कुर्बानी ही लेना चाहती है, तो वह सबसे पहले अपनी कुर्बानी देने को तैयार है।