आप उम्मीदवार को खून से तौलते लोग।
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पहले चुनाव में लोग अपने चहेते नेताओं को लड्डुओं से तौलते थे, लेकिन पंजाब में नेताओं को खून से तौलने का नया ट्रेंड शुरू हुआ है। बठिंडा से इस ट्रेंड का आगाज हो चुका है। गुरुवार को बरनाला बाईपास रोड पर स्थानीय दुकानदारों एवं शिअद वर्करों ने शिअद बसपा गठबंधन के प्रत्याशी सरूप चंद सिंगला को बुलाकर पहले रक्तदान शिविर लगाकर रक्त एकत्र किया और उसके बाद इकट्ठा हुए रक्त के साथ शिअद प्रत्याशी को तौला गया।
शिअद प्रत्याशी का कहना था कि लोगों के प्यार का मूल्य उन्होंने हर समय उनके साथ अच्छे बुरे समय में खडे़ होकर पहले भी दिया और अब भी वे चाहे चुनाव जीतें या न जीतें लेकिन वह लोगों के साथ पहले की तरह खड़े रहेंगे।
वहीं शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी जगरूप सिंह गिल को पार्टी वर्करों ने एक होटल में अपने रक्त से तौला। पार्टी वर्करों ने पहले एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया और उसके बाद गिल को तौला। समाजसेवी राजेश कुमार का कहना था कि लोग राजनेताओं को खून से तौलने का प्रचलन शुरू कर रहे हैं जो एक अनोखा ढंग भी है और राजनेताओं को कहीं न कहीं सोचने पर भी मजबूर करेगा कि उनके वर्करों एवं समर्थकों ने अपने खून से तौलकर उनका हौसला बढ़ाया था। उन्होंने कहा कि खून से तुलने वाले नेता अगर चुनाव जीतकर विधायक बनते हैं तो वह लोगों के खून की कदर करते हुए हर आम जन की समस्या को पहल के आधार पर हल करें।
इससे पहले नेताओं को तौला जाता रहा लड्डुओं से
2022 के चुनाव से पहले पंजाब में जब-जब भी निगम, पंचायत या विधानसभा चुनाव हुए, सभी राजनेताओं को लड्डुओं से तोलने का प्रचलन बहुत तेजी से बढ़ा था। इस बार के चुनाव में बठिंडा शहरी सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी मनप्रीत बादल को पहले पार्टी वर्करों ने नमकीन काजू से तौला था और अब शिअद बसपा प्रत्याशी सिंगला और आप प्रत्याशी गिल को खून से तौलकर लोगों ने नई प्रथा को जन्म दिया है।