कृषि कानूनों की वापसी के फैसले पर उत्साहित पंजाब सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। फिरोजपुर में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि पंजाब सरकार के खिलाफ 13 दिसंबर से दो दिनों का रेल रोको आंदोलन शुरू किया जाएगा। यह आंदोलन किसान मजदूरों का कर्ज माफ कराने, पहले स्वीकार की मांगें लागू करवाने, शहीद किसानों के पारिवारिक सदस्य को नौकरी दिलवाने व चुनाव वायदे से मुकरने के खिलाफ किया जाएगा। बावजूद इसके मसले हल नहीं किए गए तो बैठक कर आंदोलन को और बढ़ाया जाएगा। ये आंदोलन मसले हल होने तक जारी रहेगा।
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पंधेर ने कहा कि पंजाब के किसानों, मजदूरों, नौजवानों व महिलाओं से बैठकें कर इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई है। आंदोलन को सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पंजाब के किसानों पर एक लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज है। किसान कर्ज से तंग आकर खुदकुशी कर रहे हैं। किसानों की जमीनें जब्त की जा रही हैं। किसानों को गिरफ्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी खोखले एलान कर रहे हैं। कमेटी के प्रधान सतनाम सिंह पन्नू, जसबीर सिंह, सुखविंदर सिंह, गुरबच्चन सिंह, हरप्रीत सिंह, गुरलाल सिंह, रणजीत सिंह व इंद्रजीत सिंह के अलावा अन्य किसान नेता उपस्थित थे।
पिछले साल भी रोकी गई थी ट्रेनें
कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले साल 24 सितंबर से करीब 650 मालगाड़ियां और 325 पैसेंजर ट्रेनें काफी दिनों तक बंद रही थी। किसानों ने पंजाब में बिछी रेल पटरियों पर कई जगहों पर धरना देकर पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के बीच दौड़ने वाली सभी ट्रेनों को बंद कर दिया था। ब्यास और अमृतसर के बीच पड़ने वाले जंडियाला गुरु रेलवे स्टेशन के नजदीक किसानों ने करीब 163 दिन तक रेल यातायात ठप रखा था।