खेती विकास बैंक फिरोजपुर ने जिले के 930 डिफाल्टर किसानों के गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। ये वो किसान हैं जो कर्जा माफी स्कीम के अंतर्गत नहीं आते हैं। फिरोजपुर में दो किसानों को गिरफ्तार किया गया था। इन किसानों ने बैंक अधिकारी को एक माह के भीतर धनराशि लौटाने का लिखित वादा किया है तब इन्हें रिहा कर दिया है। बताते हैं कि पंजाब भर में दो हजार किसानों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
वहीं किसानों ने इसका विरोध किया है। किसानों का कहना है कि इस बार गर्मी समय से पहले आने के कारण गेहूं के दाने सूख गए और पतले हो गए। ऐसा होने से गेहूं फसल का झाड़ कम हुआ है। ऐसी स्थिति में पंजाब सरकार ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। फिरोजपुर के पांच सौ किसानों और जलालाबाद के चार सौ किसानों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। कई किसानों की जमीन नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बहुत से किसानों पर दस लाख रुपये से अधिक कर्ज है।
बस्ती रामलाल निवासी किसान बख्शीश सिंह को गिरफ्तार किया गया। बख्शीश पर लगभग ग्यारह लाख रुपये का कर्ज है। उसने बैंक अधिकारी को एक माह के भीतर कर्ज की रकम देने का लिखित वादा किया है, उसके बाद उसे रिहा कर दिया है। जानकारों का कहना है कि फिरोजपुर में पांच सौ किसान डिफाल्टर है, जिनके गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। जबकि जलालाबाद में चार सौ किसानों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं, इनमें से 183 वारंट नये तैयार किए गए हैं।