यूक्रेन से पठानकोट लौटीं जिया मल्होत्रा और तन्वी सैनी ने यूक्रेन के अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि जंग के माहौल में सब सहमे थे। लेकिन भारतीय छात्रों से रूस और यूक्रेनी सैनिकों ने सम्मान से वार्ता की और रोमानिया पहुंचाने में मदद भी की। जिया ने बताया कि रोमानिया के लोगों ने भी उन्हें खूब प्यार दिया, जिसे वह कभी भुला नहीं पाएंगी।
जिया ने बताया कि रोमानिया के लोगों ने उन्हें खाने-पीने का सामान और नए सिम भी दिए। ताकि, वे अपने परिवार से फोन पर बात कर सकें।उन्होंने पीएम मोदी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा का भी आभार व्यक्त किया। तन्वी के पिता एसडीओ संजीव सैनी ने बताया कि उनकी बेटी और जिया दोनों सुरक्षित घर पहुंच चुके हैं और इस बात के लिए वे भारत सरकार के शुक्रगुजार हैं।
वहीं, गुरुवार को तन्वी और जिया से मिलने भाजपा पदाधिकारी उनके घर शास्त्री नगर पहुंचे। नार्थ मंडल प्रधान शमशेर ठाकुर, जिला महामंत्री सुरेश शर्मा, जिला उपाध्यक्ष नरेश बडेहरा, मंडल महामंत्री विशाल महाजन, प्रेस सचिव राजेंद्र लाडी और जिला भाजपा सोशल मीडिया इंचार्ज बिंदा सैनी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में ऑपरेशन गंगा के तहत पठानकोट के अन्य बच्चों को भी सकुशल भारत लाया जाएगा। यूक्रेन में फंसे पठानकोट के बच्चों में से तन्वी सैनी और जिया मल्होत्रा ही अपने घर पहुंच पाए हैं। साक्षी, आकांक्षा, इशिता और प्राची समेत अन्य बच्चे अभी यूक्रेन के खारकीव में फंसे हैं।
रोमानिया बार्डर से नौ किमी पहले ही उतार दिया था: तन्वी
तन्वी ने बताया कि इवैनो से उन्हें छोड़ने आया वाहन रोमानिया बार्डर से नौ किलोमीटर पहले ही उतार कर चला गया था। इस कारण उन्हें रोमानिया बार्डर तक नौ किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। साथ ही उसका कहना था कि जैसे ही वह और उसके साथ जिया और 11 अन्य लोग रोमानिया बार्डर पर पहुंचे, उसके बाद उन्हें किसी तरह की कोई दिक्कत पेश नहीं आई। तन्वी ने बताया कि रोमानिया पहुंचने के बाद उन्हें सभी आवश्यक चीजें दी गईं। खाना दिया गया। तन्वी ने बताया कि रोमानिया में उन्हें लोगों ने पैसे भी दिए, हर तरह की मदद की। तन्वी बताती हैं कि वहां बहुत प्यार मिला। वहां से बस से नौ घंटे का सफर कर वो एयरपोर्ट पहुंचे। वहां पहुंचने के कुछ देर बाद ही उनकी दिल्ली की फ्लाइट थी।
बेटी पहुंची रोमानिया, अब चिंता कम हुई: सूरम सिंह
यूक्रेन के कीव में फंसी गुरु गोविंद सिंह नगर निवासी करिश्मा रोमानिया बार्डर पार कर चुकी हैं। यह जानकारी करिश्मा के पिता सूरम सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी के रोमानिया पहुंचने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली है। अब करिश्मा भी जल्द घर आ जाएगी।