जालंधर में प्रदर्शन करते छात्र।
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जालंधर के डेवियट कालेज के छात्र ने प्रिंसिपल की ओर से दर्ज करवाए धारा 307 के मामले से आहत होकर सल्फास निगल ली। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम करवाकर शव को शमशान घाट ले जाने की बजाय एंबुलेंस लेकर फ्लाईओवर पर पहुंचे और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, शुभम डेवियट कालेज में बीसीए सेकेंड ईयर का छात्र था। उसकी मौत की सूचना मिलते ही डीएवी कॉलेज, डेवियट कालेज के छात्र सड़क पर उतर आए और डीएवी फ्लाईओवर जाम कर दिया। परिजन और छात्र डेवियट कालेज के प्रिंसिपल मनोज शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस प्रदर्शनकारियों को काफी देर से समझाने में जुटी हुई है, एसीपी नॉर्थ दमनवीर सिंह भी मौके पर पहुंचे लेकिन छात्रों ने एफआईआर से पहले धरना ना हटाने की बात कही। धरने के कारण फ्लाईओवर के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। पुलिस ने धरने को देखते हुये मकसूदां चौक और डीएवी फ्लाईओवर के पास से ट्रैफिक को डायवर्ट करना शुरू कर दिया है।
मृतक के अभिभावकों ने बताया कि एक साल पहले कॉलेज में मैच के दौरान बेटे शुभम का झगड़ा हुआ था, जिसके बाद कुछ छात्रों ने उससे मारपीट की। लेकिन प्रिंसिपल मनोज शर्मा ने दूसरे छात्रों का साथ देते हुए बेटे के खिलाफ 307 का पर्चा दर्ज करवा दिया। इस मामले में इंसाफ की मांग कर रहे छोटे भाई का नाम भी पुलिस ने चार्जशीट में जोड़ दिया जिससे शुभम आहत था। जब सल्फास निगलने के बाद उसे अस्पताल ले जा रहे थे तो उसने मां से कहा कि वह बेकसूर है, उसे फंसाया गया और अब कालेज प्रबंधन के दबाव में आकर पुलिस छोटे भाई का करियर तबाह करने के लिए चार्जशीट में नाम जोड़ दिया। मेरे कारण सब कुछ खत्म हो गया, अब मैं नहीं रहना चाहता पर मेरे मौत के जिम्मेदार लोगों को सजा जरूर दिलवाना। डीसीपी इंस्वेटीगेशन जसकिरणजीत सिंह तेजा, डीसीपी लॉ एंड आर्डर अकुंर गुप्ता पुलिस पार्टी सहित डीएवी फ्लाईओवर पर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे परिजनों और छात्रों को कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाने की कोशिश में जुटे हुए हैं।