दुबई के कारोबारी व सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट के मुखी डॉ. एसपी सिंह ओबराए ने एक बार फिर दुबई में मौत की सजा भुगत रहे कपूरथला के गांव जैनपुर के सोहन लाल को ब्लड मनी देकर मौत के मुंह से बचाकर बेहतरीन कार्य किया है। जान बचाकर अपने परिवार के पास पहुंचे सोहन लाल और उसके पारिवारिक सदस्यों की मौजूदगी में वीरवार को डॉ. एसपी सिंह ओबराए ने जालंधर में प्रेसवार्ता की। डॉ. ओबराए ने बताया कि दुबई में 9 जून 2016 को हुए एक झगड़े के दौरान जालंधर की तहसील शाहकोट के गांव डडहा दौलतपुर के रहने वाले जसवीर सिंह की मौत हो गई थी। इस केस में दुबई पुलिस ने सोहन लाल को गिरफ्तार कर लिया था और बाद में केस के दौरान अदालत ने उसे फांसी की सजा सुना दी थी। उन्होंने बताया कि इस केस के हल के लिए सेवानिवृत्त आईपीएस सज्जण सिंह चीमा ने उनसे बातचीत की थी। इसके बाद उन्होंने पीड़ित परिवार को ब्लड मनी लेने के लिए राजी करवाया। फिर मौत की सजाया काट रहे सोहन लाल पुत्र करम चंद का कोर्ट केस लड़ा और पीड़ित परिवार को अपने पास से ब्लड मनी देकर उसकी फांसी की सजा माफ करवाई। सोहन लाल करीब 5 वर्ष 2 माह बाद जेल से निकलकर परिवार के पास पहुंचा है। फांसी की सजा से बचकर आए सोहन लाल ने बताया कि उसने तो उम्मीद ही छोड़ दी थी कि अब वह कभी अपने परिवार को मिल सकेगा। लेकिन डॉ. ओबराए ने उसके लिए कानूनी लड़ाई लड़ी और ब्लड मनी देकर नया जीवन दिया है। सोहन लाल और उसके पारिवारिक सदस्यों ने डॉ. ओबराए का आभार जताते हुए कहा कि वह बहुत खुश हैं। इस मौके पर ट्रस्ट के दोआबा जोन के अध्यक्ष अमरजोत सिंह, सतनाम सिंह मानक, सेवानिवृत्त आईपीएस सज्जण सिंह चीमा, आत्म प्रकाश सिंह, विनोद भल्ला और रमन बहल व अन्य मौजूद थे।
अब तक 117 युवाओं को मौत की सजा से बचाया
डॉ. ओबराए ने बताया कि अब तक वह अरब की जेलों से 117 युवाओं को फांसी और उम्रकैद से बचा चुके हैं। इनमें 85 युवा पंजाब, 2 हरियाणा, 3 हैदराबाद, 1 गुजरात, 1 बिहार, 2 महाराष्ट्र, 17 पाकिस्तान, 1 फिलिपींस, 5 बांग्लादेश से संबंधित हैं। इसके अलावा वह अब तक 249 लोगों के पार्थिव शव भी अरब देशों से उनके परिजनों तक पहुंचा चुके हैं।