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जालंधर : सीएम के फीस न बढ़ाने के एलान से इत्तफाक नहीं रखते निजी स्कूल प्रबंधक, बता दिया गैरकानूनी

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जालंधर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आदेश जारी किया है कि निजी स्कूल प्रबंधक नए सत्र से फीस में वृद्धि नहीं कर सकते। इस फैसले से अभिभावक जहां राहत महसूस कर रहे थे, वहीं स्कूल प्रबंधकों ने इस फैसले को गैरकानूनी बता दिया है। इस मुद्दे पर निजी स्कूल का कहना है कि वे सीएम के इस फैसले से इत्तफाक नहीं रखते हैं।
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इस मुद्दे पर सेंट सोल्जर ग्रुप के चेयरमैन अनिल चोपड़ा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एजूकेशन पॉलिसी बनाई गई है व जब तक पॉलिसी में संशोधन नहीं होता, कोई भी मुख्यमंत्री इस तरह का एलान नहीं कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही एजूकेशन एक्ट बना है, जिसमें लिखा है कि स्कूल 8 प्रतिशत तक फीस बढ़ा सकते हैं। इसलिए मुख्यमंत्री का यह एलान ही गैरकानूनी है। अगर सरकार इस बारे में स्कूलों को कोई नोटिस भेजती है तो वे अदालत का रुख करेंगे।
इस एलान के बारे में दोबारा सोचे पंजाब सरकार : तरविंदर सिंह
डिप्स ग्रुप के एमडी तरविंदर सिंह ने कहा कि स्कूल अगर फीस बढ़ाना चाहते हैं तो वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत ही फीस में बढ़ोतरी करेंगे। अध्यापकों की सैलरी, स्कूल इमारत का रखरखाव, बिजली-पानी और कई खर्चे हैं जो स्कूल प्रबंधकों को करने पड़ते हैं। इस वजह से स्कूलों को फीस बढ़ाना जरूरी हो जाता है। सरकार को इस फैसले पर दोबारा सोचना चाहिए।
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दूसरी तरफ इस फैसले के संबंध में अभिभावक संदीप अरोड़ा का कहना है कि यह फैसला काबिल ए तारीफ है। कोविड के कारण आम जनता को आर्थिक तौर पर काफी नुकसान हुआ है। अब अगर लोगों को स्कूल के खर्चों से कुछ राहत मिलती है तो यह आम आदमी के लिए अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि एलान व वादे तो पहली सरकारों ने भी बहुत किए, लेकिन वादे वफा नहीं हो सके। जल्द इन फैसलों को लागू भी करना चाहिए।
सालाना फीस, ट्रांसपोर्टेशन पर फैसला लेते तो अच्छा होता : मित्तल
इस मुद्दे पर आर एसल मित्तल का कहना है कि सीएम भगवंत मान का यह फैसला बेशक अच्छा है। अगर मुख्यमंत्री स्कूलों की तरफ से हर साल लिए जाने वाले सालाना चार्ज, मंहगी ट्रांसपोर्टेशन, स्कूल वर्दी जैसी चीजों पर कोई फैसला सुनाते तो और बेहतर होता। हर 2-3 साल बाद स्कूल की वर्दी बदल दी जाती है। सालाना चार्ज के नाम पर हजारों रुपये लेते हैं। अगर मुख्यमंत्री ने एजूकेशन सिस्टम में कुछ ठीक करना है तो इन मुद्दों से शुरुआत करें।
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