पठानकोट। गुरदासपुर से आए 70 वर्षीय बुजुर्ग ने पठानकोट-अमृतसर हाईवे ओवरब्रिज पर मोटरसाइकिल खड़ी कर 50 फुट ऊंचाई से कोटली यूबीडीसी नहर में छलांग लगा दी। बुजुर्ग को ओवरब्रिज से नहर में छलांग लगाते देख लोगों ने शोर मचाया, लेकिन तब तक वह छलांग लगा चुके थे। सूचना पर सदर पुलिस ने पहुंचकर जांच की तो एक चप्पल, परना और बुलेट से आधार कार्ड मिला। आधार कार्ड पर बुजुर्ग का नाम सुच्चा सिंह निवासी डेरा बाबा नानक रोड गुरदासपुर लिखा मिला। पुलिस ने इसी आधार पर डेरा बाबा नानक गुरदासपुर में संपर्क कर परिवार वालों को सूचित किया गया। रिश्तेदारों ने बताया कि सुच्चा सिंह का बेटा विदेश से गुरदासपुर लौटा था। पांच माह पहले एक्सीडेंट में उसकी मौत हो गई, जिसके बाद से सुच्चा सिंह डिप्रेशन में थे। परिवार को बिना बताए रात में घर से गायब हो जाते थे। एएसपी (ग्रामीण) आदित्य का कहना है कि कोटली पुल के नीचे पुलिस की गाड़ी खड़ी थी। बुजुर्ग ने ओवरब्रिज से कोटली नहर में छलांग लगाई तो मौके पर पुलिस कर्मियों ने भागकर बचाने की कोशिश की, लेकिन कोटली नहर में पानी का तेज बहाव होने के चलते सुच्चा सिंह बह गए। पुलिस ने पारिवारिक सदस्यों को साथ लेकर भीमपुर जेक्टर तक ढूंढने की कोशिश की, लेकिन बुजुर्ग का पता नहीं चला।
20 दिन में चौथी घटना
21 जून को रछपालवां की रहने वाली 29 वर्षीय महिला जीवन ज्योति ने कोटली नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या की थी। डाक्टर की कार कोटली यूबीडीसी नहर के किनारे मिली थी। कुछ दिन बाद डाक्टर का शव गुरदासपुर के पास बरामद हुआ। 25 अगस्त को तारागढ़ के गांव छोड़िया की रहने वाली बीएससी फर्स्ट ईयर की छात्रा मुस्कान ने कोटली नहर में छलांग लगा दी थी। वहीं दो दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में जुगियाल के रहने वाले कारोबारी की बाइक कोटली नहर के पास मिली थी। बाइक के ऊपर मोबाइल बरामद हुआ था। कारोबारी का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है।