फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वकील की ऐसी आपत्तिजनक टिप्पणी, भड़क उठीं नर्सें

Fri, 03 Mar 2017 09:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
विज्ञापन
ध्‍ारना - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
शहर में चल रहा एडवोकेट और चिकित्सकों के बीच का विवाद थमता नहीं दिख रहा है। अब इस विवाद में नर्सें भी कूद पड़ी हैं। नर्सों को इस बात का दुख है कि वीरवार को वकीलों के प्रदर्शन के दौरान एक सीनियर एडवोकेट ने नर्सों के प्रति आपत्तिजनक शब्दावली का प्रयोग कर डाला।
विज्ञापन


एडवोकेट मंदीप सचदेवा ने कहा था कि अगर नर्स के बारे में पता करना हो तो चिकित्सक की घरवाली से पूछ लेना चाहिए, जिस पर सभी एडवोकेट काफी ठहाके लगाने लगे थे। नर्सों की ओर सेे 11.30 पर कमिश्नर कार्यालय के घेराव की घोषणा को देेखकर महिला पुलिस बल तैनात किया गया था।

निजी अस्पतालों से भारी संख्या में नर्सें और नर्सिंग कॉलेज की स्टूडेंट शरीक हुईं। इस दौरान उन्होंने एडवोकेट सचदेवा का पुतला फूंका गया। नर्सों ने कहा कि वे मरीजों की सेवा में रहती हैं, उनके बारे में आपत्तिजनक शब्दावली का इस्तेमाल कर वकीलों ने नारी जाति का अपमान किया है। नर्सों ने पुलिस कमिश्नर के नाम पर शिकायत पत्र सौंपा और केस दर्ज करने की मांग की। नर्सों ने कहा कि तत्काल केस दर्ज किया जाए।
विज्ञापन


हालांकि नर्सों का वकील व चिकित्सकों के विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस प्रकरण में वकीलों के धरने के दौरान एक सीनियर वकील ने उनके प्रोफेशन के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते आपत्तिजनक टिप्पणी की है।

नर्सों ने जिला बार काउंसिल के प्रधान एडवोकेट बलदेव प्रकाश रल्ल और सचिव एडवोकेट आभा नागर पर आरोप लगाया कि इन लोगों ने कमेंट पर तालियां बजाईं और आभा नागर ने मुस्कराते हुए अपना चेहरा नीचे कर लिया। कमिश्नर अर्पित शुक्ला का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है, जिसके बाद कानूनी राय लेकर ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें