अबोहर। नहरी पानी की समस्या से जूझ रहे क्षेत्र के दर्जनों गांवों के किसानों ने सोमवार को फिर से नहरी विभाग में धरना लगा दिया और एक्सईएन रमनप्रीत सिंह को उनके कार्यालय में बंद कर उनके आफिस की बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी। किसानों का कहना था कि जब तक बाराबंदी खत्म करते हुए नहरों में पानी पूरा नहीं किया जाता तब तक उनका धरना जारी रहेगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी एक्सईएन कार्यालय के बाहर तैनात था।
किसान यूनियन के सेक्रेटरी कुलदीप सिंह शेरगढ़ ने बताया कि पिछले दिनों राजपुरा बैरियर पर लगाए गए धरने के दौरान फिरोजपुर से आए एसई और अबोहर के एक्सईएन रमनप्रीत सिंह मान ने आश्वासन दिया था कि बाराबंदी के दौरान चलने वाली नहरों में पूरा पानी छोड़कर टेलों तक पानी पहुंचाया जाएगा। पिछले सप्ताह अबोहर क्षेत्र की नहरों में पूरा पानी नहीं दिया गया जिससे टेलों के किसानों की सिंचाई पानी की मांग पूरी नहीं हो सकी। इसके साथ ही गत दिवस मलूकपुरा माइनर भी बंद कर दी गई जिससे मलूकपुरा के साथ-साथ दौलतपुर और रामसरा माइनर भी बंद हो गई।
उन्होंने कहा कि नहरों में पानी पूरा न मिलने से उस्मानखेड़ा, शेरगढ़, अचाडिकी टेलों दर्जनों गांव के किसानों की फसलें सूख रही हैं, लेकिन विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। उन्होंने बताया कि नहरी विभाग की लापरवाही के कारण राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों का किसान पूरी तरह से तबाह हो चुका है, लेकिन सरकार और विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। पानी की कमी के कारण कई किसानों ने अपने बाग उखाड़ दिए क्योंकि अगर मार्च महीनों में पड़ी अधिक गर्मी के दौरान नहरी विभाग पूरा पानी देता तो बागों से फलों की ड्रोपिंग न होती। इस दौरान किसानों ने नहरी विभाग, सिंचाई मंत्री और पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इधर, एक्सईएन रमनप्रीत सिंह मान ने नहरों में पानी कम दिए जाने के आरोप की पुष्टि करते हुए कहा कि किसानों को 10 भाग के बजाय 7 भाग पानी ही मिला है। क्योंकि पिछले सप्ताह एक ओर जहां नहरों में केली अधिक आ गई वहीं आंधी आने से पेड़ों की टहनियां नहरों में गिर कर पुलों के नीचे फंस गई। इस कारण पानी आगे नहीं जा सका। बातचीत में एक्सईएन ने बताया कि जब तक सरहिंद नहर का निर्माण पूरा नहीं हो जाता तब तक अबोहर क्षेत्र की नहरों में पानी पूरा होने की संभावना नहीं है।
एबीआर 1 है - अबोहर के नहरी विभाग में धरना लगाए किसान।