जालंधर। टोक्यो ओलिंपिक में जेवलिन थ्रो में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाले नीरज चोपड़ा को एलपीयू ने 50 लाख रुपये का नगद इनाम दिया है। नीरज चोपड़ा के साथ ही भारतीय पुरुष हाकी टीम के 9 सदस्यों को कुल 85 लाख रुपये का नगद इनाम दिया गया। एलपीयू ने कांस्य पदक विजेता बजरंग पुनिया को 10 लाख व ऊंची कूद के रजत पदक विजेता निषाद कुमार को 25 लाख रुपये के पुरस्कार की भी घोषणा की। यह दोनों ही यूनिवर्सिटी के छात्र हैं।
एलपीयू ने अपने सभी ओलिंपिक पदक विजेता छात्रों को कुल 1.75 करोड़ रुपये का नगद पुरस्कार वितरित किया। इन सभी ओलिंपिक खिलाड़ियों को एलपीयू में पहुूंचने पर सम्मानित किया गया। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने इनाम वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान नीरज चोपड़ा ने कहा कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अपनी मातृ संस्था में वापस आना बड़े ही गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि एलपीयू और मेरे फैकल्टी ने भारत के लिए ओलंपिक स्वर्ण जीतने के मेरे सपने को सच करने में मदद करने के लिए हर संभव कोशिश की है। मुझे विश्वास है कि विश्वविद्यालय कई और उच्च गुणवत्ता वाले खिलाड़ी तैयार करेगा जो भविष्य में भारत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान बढ़ाएंगे। इस दौरान उन्होंने 87.58 मीटर लम्बे नीरज चोपड़ा मार्ग का उद्घाटन किया।
समारोह में पहुंची भारतीय हॉकी टीम के सदस्यों ने नीरज चोपड़ा के साथ एक छोटा यादगार हाकी मैच भी खेला। मैच के बाद नीरज ने भारतीय हॉकी टीम के सदस्यों को भाला फेंकने की तकनीक दिखाई। नीरज ने एक भाला हस्ताक्षर कर इसे स्मृति चिन्ह के रूप में एलपीयू को भेंट किया। भारतीय हाकी टीम के सदस्यों ने विश्वविद्यालय को अपने हस्ताक्षर वाली हाकी स्टिक भी भेंट की। इस दौरान यूनिवर्सिटी के चांसलर अशोक मित्तल ने कहा कि एलपीयू पिछले कुछ वर्षों से देश में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रयास कर रहा है, जिसके परिणाम स्वरूप हमारे कई विद्यार्थियों ने पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं।