जालंधर। पहले 2 साल तक कोविड महामारी की मार ने उद्योग को नुकसान पहुंचाया व इसके बाद अब रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण कच्चे माल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी ने उद्योगपतियों की कमर तोड़कर रख दी है।
उद्योगपतियों की कहना है कि कच्चे माल की कीमतें दिन प्रतिदिन बढ़ रही हैं और कई इंडस्ट्री तो पिछले 2 दिन से बंद पड़ी हैं। सबसे ज्यादा नुकसान इंडस्ट्री में लोहा न पहुंचने के कारण उठाना पड़ रहा है, इस कारण इंडस्ट्री का कामकाज ठप्प पड़ा है। इस परेशानी के कारण बुधवार को महानगर के उद्योगपतियों ने फोकल प्वाइंट में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तक कर दिया। उद्योगपतियों ने फोकल प्वाइंट में इकट्ठे होकर केंद्र सरकार का पुतला भी फूंका।
इस प्रदर्शन के दौरान उद्योगपति नरेंद्र सिंह सग्गू, सूबा सिंह ने कहा है कि कच्चे माल की बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए देश में कोई रेगुलेटरी बोर्ड ही नहीं है, जिसकी वजह से कच्चा माल बनाने वाली कंपनियां मनमर्जी से रेट को बढ़ा रही हैं। कच्चा माल बनाने वाली कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी के लिए रूस - यूक्रेन युद्ध को जिम्मेदार ठहरा रही हैं, जबकि रूस व यूक्रेन से लोहा बहुत ही कम मात्रा में आयात होता है। ज्यादातर लोहा व स्टील तो ऑस्ट्रेलिया, चीन व जापान से आयात होता है। रूस-यूक्रेन जंग का नाम लेकर इस समय कच्चे माल की ब्लैक मार्केटिंग हो रही है। उन्होंने मांग की है कि रेट बढ़ाने से पहले सरकार से अनुमति लेनी चाहिए व लोहे की कीमतों पर सरकार को नियंत्रण होना चाहिए।