फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब का राजस्व अगर बढ़ाना है तो व्यापारियों के हितों का जरूर ख्याल किया जाए : आश्रय सरना

विज्ञापन
विज्ञापन
जालंधर। यह बजट काफी अच्छा व सराहनीय है, लेकिन जरूरत इस बात की है कि इसे जमीनी स्तर पर कैसे लागू किया जाता है और इसका कैसे आम जनता को फायदा मिलता है। सेहत और शिक्षा पर फोकस ठीक है, लेकिन पंजाब का राजस्व अगर बढ़ाना है तो व्यापारियों के हितों का जरूर ख्याल किया जाना जरूरी है। सरकार का सबसे बड़ा फोकस सरकारी स्कूलों का स्तर ऊंचा उठाने के लिए है, जिसमें उन्होंने कहा है कि स्मार्ट क्लास व डिजिटल क्लास युवाओं के कॅरिअर के लिए सकारात्मक कदम है। सोलर पैनल की शुरुआत सरकारी स्कूलों से की है, यह एक क्रांतिकारी कदम होगा। पंजाब बिजली की कमी से जूझ रहा है, क्योंकि यहां धान की खेती पर काफी बिजली इस्तेमाल होती है, जिससे बिजली का संकट काफी गहरा जाता है। वोकेशनल ट्रेनिंग काफी अच्छा विषय है, जो दिल्ली मॉडल से लिया है। इससे बिजनेस स्टार्टअप को बढ़ावा मिलेगा, युवाओं को सोचने व आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। पंजाब में शिक्षा क्षेत्र में क्रांति की शुरुआत इस बजट के जरिये से होने जा रही है। पंजाब में मेडिकल कॉलेजों का बनाया जाना, यूनिवर्सिटी को पैसा देना इसकी शुरुआत का पहला कदम है। इसके नतीजे बेशक कुछ समय बाद मिलेंगे, लेकिन पंजाब की तस्वीर बदलने में ये अहम भूमिका अदा करेंगे। किसी भी काम का परिणाम पहले दिन या एक साल में नहीं मिलता, इसमें समय लगता है। मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से पंजाब में शिक्षा का स्तर बढ़ेगा। इस पर काफी पैसा सरकार खर्च करने जा रही है।
विज्ञापन

सरकार की तरफ से दावा किया गया है कि उनकी आय 2021-22 के मुकाबले 17 फीसदी बढ़ेगी। जिससे खजाने में 95378 करोड़ रुपये अधिक आएंगे। नई एक्साइज पॉलिसी से 9648 करोड़ की कमाई होगी। जो पिछले साल के मुकाबले 56 फीसदी ज्यादा है। जीएसटी वसूली की कमियां दूर कर 27 फीसदी आय बढ़ेगी। जिससे खजाने में 4350 करोड़ रुपये आएंगे। गैर टैक्स स्रोतों से 636 करोड़ की इनकम के साथ 11 फीसदी बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसमें माइनिंग भी शामिल है। केंद्रीय टैक्स से 14757 और केंद्र से ग्रांट इन एड से 28731 करोड़ आने का अनुमान है। लेकिन इसके साथ व्यापारियों व कारोबारियों के हितों का ख्याल रखना अहम होगा। पंजाब व दिल्ली अलग-अलग हैं, दोनों के कारोबार का काफी अंतर है। पंजाब खेतीबाड़ी वाला प्रदेश है, यहां की आय खेती से जुड़े धंधों पर अधिक निर्भर है। यह न हो कि अधिक राजस्व की वसूली के लिए कारोबारियों व उद्यमियों पर डंडा लटकाया जाए, जिससे वह असहज हो जाएं, क्योंकि पंजाब की काफी इंडस्ट्री पहले ही गगरेट, बद्दी के अलावा मेरठ व नोएडा शिफ्ट हो चुकी हैं। यहां व्यापारी वर्ग आगे ही कोरोना के कारण काफी संकट में हैं। काफी कुछ प्रभावित यूक्रेन व रूस युद्ध से हुआ है। इसलिए टैक्स की वसूली की जाए, लेकिन व्यापारियों को दबाकर न हो। पंजाब में नया बजट शिक्षा, खेतीबाड़ी, सेहत के लिहाज से काफी अच्छा व क्रांतिकारी है।
विज्ञापन

लेखक.. एक युवा सीए हैं और आयकर विभाग के केसों के माहिर हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें