अबोहर। एक ओर तो पंजाब राजस्थान के सीमावर्ती गांवों के किसानों को पर्याप्त मात्रा में सिंचाई पानी न मिलने के कारण उनके बाग व अन्य फसलें तबाह हो रही हैं और इसी कारण कई किसान अपने बागों को उखाड़ रहे हैं। वहीं नहरी विभाग की लापरवाही से रविवार को सुबह करीब 5 बजे गांव शेरेवाला और खाटवां के बीच लंबी माइनर में कटाव आ गया। जिससे सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल और किन्नू के बाग जलमग्न हो गए। नहर टूटने से हुए नुकसान के लिए किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
गांव शेरेवाला के किसान जय नारायण भादू ने बताया कि करीब 20 दिनों तक नहरबंदी के बाद पिछले सप्ताह ही नहर में पानी छोड़ा गया और बीती रात ही उन्होंने अपने बाग को पानी लगाया था। लेकिन रविवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे उनके बाग के सामने ही नहर में अचानक ही कटाव आ गया। नहर टूटने का पता चलते ही उन्होंने विभाग के अधिकारियों को सूचित किया। लेकिन देखते ही देखते नहर का कटाव बढ़कर करीब 35 फुट चौड़ा हो गया। उन्होंने बताया नहर टूटने से करीब 80 एकड़ किन्नू के बागों के अलावा दूर-दूर तक गेहूं के खेतों में पानी भर गया। जिसमें से कई खेतों में गेहूं फसल तैयार है, जबकि कई खेतों में गेहूं के गट्ठर बंधे पड़े हैं। मौके पर पहुंचे किसान नेता विनोद डूडी ने बताया कि कई दिनों तक नहर बंद रहने के कारण किसानों को सिंचाई पानी की सख्त जरूरत थी। लेकिन अब नहर में कटाव आने से इसका पानी फिर से बंद कर दिया जाएगा। जिससे दूसरे किसानों को भारी नुकसान होगा। सूचना मिलते ही नहरी विभाग के एसडीओ और जेई मौके पर पहुंचे और हैड से पानी बंद करवाते हुए मरम्मत कार्य की तैयारी शुरू कर दी।