केरल के नन रेप केस में कोट्टायम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने पूर्व बिशप फ्रैंको मुलक्कल को बरी कर दिया है। अदालत के फैसले के बाद ईसाई समर्थकों ने खुशी की लहर दौड़ उठी।
जालंधर के बीएमसी चौक के पास स्थित बिशप हाउस में उनके समर्थकों ने ढोल की थाप पर खुशी मनाई। चर्च के गेट के बाहर आतिशबाजी का दौर भी चला। केरल के कोट्टायम में एडीजे जी. गोपाकुमार ने फैसला सुनाया। इस दौरान कोर्ट में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। फ्रैंको मुलक्कल पर जब केरल की नन के दुष्कर्म का आरोप लगाया गया था तो केरल पुलिस की टीम जालंधर पहुंची थी। दो दिन तक बीएमसी चौक के पास स्थित चर्च में उनसे पूछताछ हुई थी। नन ने उन पर 13 बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था, लेकिन कोट्टायम कोर्ट ने फ्रैंको मुलक्कल को आरोप मुफ्त कर दिया।
ट्रिनिटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट जालंधर के डायरेक्टर फादर पीटर ने कहा कि फ्रैंको मुलक्कल को बरी किए जाने का फैसला सच्चाई की जीत है। फ्रैंको मुलक्कल ने हमेशा मानवता की सेवा की बात की थी। उन्हें साजिश के तहत फंसाए जाने की कोशिश की गई थी। अब अदालत के फैसले ने दूध का दूध तथा पानी का पानी कर दिया है। इस मौके पर मालिक मसीह खलील, डेनियल, मार्कस तुलब, लाल चंद, लाहितार मसीह नकोदर, जगतार गिल, राजकुमार चिदा, अनमोल गिल, दसूआ, जन मसीह जोनी, डॉ. कमल मसीह, विपन, सूरज मसीह, रवि मसीह मौजूद थे।