फिरोजपुर से बठिंडा जा रही एक खाली रेलगाड़ी को किसान जत्थेबंदियों ने गांव रोमाना अलबेल सिंह में रोक लिया। इसके बाद विभाग ने यह रेलगाड़ी कोटकपूरा के रेलवे स्टेशन पर ही खड़ी कर दी। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को एक एसी रेलगाड़ी का पूरा रैक फिरोजपुर से बठिंडा की तरफ से रवाना हुआ था।
फरीदकोट रेलवे स्टेशन से रेलगाड़ी के गुजरते ही वहां धरने पर बैठे किसानों ने इस पर एतराज किया और गांव रोमाना अलबेल सिंह के स्टेशन पर बैठे किसान संगठनों को सूचित कर दिया। वहां बैठे किसान संगठनों ने रेलगाड़ी को रोक लिया। हालांकि रेलवे विभाग ने कहा कि रेलगाड़ी में कोई भी सवारी नहीं है और सिर्फ खाली रैक को ही बठिंडा शिफ्ट किया जाना है लेकिन किसान नहीं माने और रेलगाड़ी को वापस भेज दिया। कोटकपूरा के स्टेशन मास्टर रामकेश मीणा ने कहा कि किसानों के लौटाए जाने के बाद रेलगाड़ी को कोटकपूरा स्टेशन पर खड़ा कर दिया गया है। वहीं मालगाड़ियों का आवागमन जारी है और दो दिन के दौरान 24-25 मालगाड़ियां निकाली जा चुकी हैं।
फिरोजपुर डिवीजन से अन्य राज्यों में भेजी गई 17 मालगाड़ियां
रेल डिवीजन फिरोजपुर में मालगाड़ियों का आवागमन सुचारू हो गया है। शुक्रवार को फिरोजपुर मंडल से विभिन्न सामग्री से लदी 17 मालगाड़ियां अन्य राज्यों में भेजी गई। बाहरी राज्यों से डिवीजन के विभिन्न स्टेशनों पर 21 मालगाड़ियां पहुंचीं। 14 खाली रैक भी फिरोजपुर मंडल पहुंचे हैं। रेलवे ने मालगाड़ियों को चलाने के लिए पूरे स्टाफ का बंदोबस्त किया है। यह जानकारी फिरोजपुर डिवीजन के रेल मंडल प्रबंधक राजेश अग्रवाल ने दी।
डीआरएम राजेश अग्रवाल ने बताया कि 22 अक्तूबर की शाम पांच बजे किसानों द्वारा रेल ट्रैक खाली करने के बाद इंजीनियरिंग विभाग की ओर से रेल पटरी चेक की गई। उसके बाद रात से ही मालगाड़ियां चलाना शुरू कर दिया गया। डीआरएम ने बताया कि फिरोजपुर मंडल से 01 खाद्यान्न, 10 कंटेनर रैक, 01 जिप्सम और 01 विविध मालगाड़ी अन्य राज्यों को रवाना की गई है, जबकि चार खाली रैक कोयले और लोहे की लोडिंग के लिए अन्य राज्यों को भेजे गए हैं।
बाहरी राज्यों से जम्मू-कश्मीर और पंजाब के लिए पीओएल के 03, कोयले के 04, कंटेनर के 04, आयरन के 05, खाद के 02 और सीमेंट के 03 रैक फिरोजपुर डिवीजन के विभिन्न स्टेशनों पर पहुंचे हैं। 14 खाली जम्बो रैक खाद्यान्न लोडिंग के लिए फिरोजपुर मंडल में आए हैं। डीआरएम ने कहा कि सभी मालगाड़ियां समय के मुताबिक चलाई जा रही हैं।