पठानकोट। बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ने पंजाब के लिए कांग्रेस को पाकिस्तान से ज्यादा घातक बताया। यहां पहुंचे शिअद महासचिव ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार का कैप्टन बदला है खिलाड़ी वहीं हैं, जो राज्य को लूट रहे हैं। मजीठिया ने मुख्यमंत्री के चयन को लेकर कांग्रेस पर राज्य के हर वर्ग को अपमानित करने का आरोप भी लगाया।
पठानकोट पहुंचे शिअद महासचिव बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ने कहा कि पंजाब को बांटने का काम पाकिस्तान से बखूबी कांग्रेस सरकार कर रही है। कुर्सी की खातिर भाईचारे को खत्म किया जा रहा है। मुख्यमंत्री चयन के दौरान गांधी परिवार ने पंजाब के हर वर्ग को अपमानित किया। पहले हिंदू तो फिर जाटों को अपमानित किया।
अब अनुसूचित जाति चरनजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बना तो दिया, लेकिन उन्हें भी आजादी से काम न करने देकर अपमानित किया जा रहा है। शिअद महासचिव ने कहा कि जाति के आधार पर बिजली यूनिट माफ करना सही नहीं है। मजीठिया ने दावा किया कि अगर अकाली सरकार आती है तो सभी नीले कार्ड धारकों की हर महीने 400 यूनिट बिजली माफ की जाएगी। उन्होंने माना अनुसूचित जाति को मदद की जरूरत है।
लेकिन, आर्थिक तौर पर पिछड़े हर वर्ग के व्यक्ति की जरूरत पूरी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिअद द्वारा अब तक बनाई गई सभी योजनाएं हर वर्ग के जरूरतमंद तबके को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं। मजीठिया यूथ अकाली दल के जिला अध्यक्ष जसप्रीत सिंह राणा के शाहपुरकंडी स्थित निवास पर पहुंचे थे।
जहां उन्होंने करीब 2 घंटे तक जिला पठानकोट के सभी पार्टी नेताओं व युवा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। मजीठिया ने कहा कि कांग्रेस अपनी ही कुर्सी की लड़ाई में उलझ चुकी है। लोगों का दर्द पिछले साढ़े 4 साल में नहीं समझा। अब भी जनता को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि चाहे कांग्रेस का कप्तान बदल गया लेकिन, खिलाड़ी अभी भी वही हैं। इन खिलाड़ियों का सिर्फ अपनी जेब और कुर्सी पर ध्यान है। उन्होंने कहा कि धान और गेहूं की खरीद की योजना बनाना सरकार की जिम्मेदारी होती है। अब जब मंडियों में धान पहुंच चुकी है और खरीद न होने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि धान खरीद में केंद्र और राज्य सरकार की नाकामी का खामियाजा किसान, आढ़ती व मजदूरों को उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा 11 अक्तूबर का समय दिया गया। तब तक पंजाब की पनसप, पनग्रेन और मार्कफेड एजेंसियों को खरीद शुरू कर देनी चाहिए।