पठानकोट। लोगों को सेहत सुविधाएं देने वाले सिविल अस्पताल पठानकोट के आरओ का पानी पीने योग्य नहीं है। खरड़ की स्टेट पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी से आई बेक्टीरियालॉजिस्ट की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
बता दें, इसी आरओ सिस्टम से सिविल अस्पताल में भर्ती मरीज और तीमारदार पानी पीते हैं। हालांकि, सिविल सर्जन कार्यालय में लगे वाटर कूलर की रिपोर्ट सही आई है। खरड़ से आई रिपोर्ट में सामने आया है कि सिविल अस्पताल पठानकोट के आरओ सिस्टम का पानी पीने लायक नहीं है। इसमें टीडीएस की मात्रा तय मानकों से बेहद कम (67.0) है। इसके अलावा पानी में क्लोराइड और कैल्शियम की मात्रा भी कम पाई गई है। अब जिला सेहत अधिकारी सोमवार को इस मामले पर कार्रवाई का आश्वासन दे रही हैं। 200 बेड के सिविल अस्पताल की ओपीडी इन दिनों 400 के करीब है। यहां रोजाना 2 हजार के करीब लोग पहुंचते हैं। ऐसी भीषण गर्मी में सिविल अस्पताल में पीने योग्य पानी न मिलना प्रबंधन पर सवाल खड़े करता है।
18 में से 10 सैंपलों की आई रिपोर्ट
बता दें, सेहत विभाग ने 31 मई को खरड़ लेबोरेटरी में कुल 18 जगहों के पानी के सैंपल भेजे थे। इनमें से 10 सैंपलों की रिपोर्ट आई है। इस रिपोर्ट में 9 अदारों की रिपोर्ट पास और सिविल अस्पताल के आरओ की रिपोर्ट फेल साबित हुई। 2 जून को पहुंची रिपोर्ट में सिविल अस्पताल के आरओ की रिपोर्ट फेल, इसके अलावा सिविल सर्जन कार्यालय के वाटर कूलर, पीएससी घियाला, सीएचसी सुजानपुर, पीएचसी गुरदासपुर भाइयां, पीएचसी तारागढ़, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल तारागढ़, सीएचसी नरोट जैमल सिंह, पीएचसी बमियाल और पीएचसी कथलौर के सैंपल सही पाए गए।
सोमवार को करेंगे कार्रवाई : डीएचओ
जिला सेहत अधिकारी डॉ. सुनीता शर्मा ने कहा कि अभी तक उनके पास रिपोर्ट नहीं पहुंची है। सोमवार को रिपोर्ट देखकर उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से समय-समय पर सैंपल लिए जाते हैं। अब रिपोर्ट देखकर पानी की गुणवत्ता सुधारने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे।