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हेलीकॉप्टर हादसा: दो महीने और 13 दिन बाद मिला कैप्टन जयंत जोशी का शव, रणजीत सागर झील में हुआ था क्रैश

Sun, 17 Oct 2021 08:15 PM IST
पंजाब ब्‍यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट (पंजाब)

सार

कैप्टन जयंत जोशी मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के रानीखेत के रहने वाले थे। 2017 में उन्हें 9वीं सिख लाइट इंफेंट्री में कमीशन हासिल किया था। दो साल बाद वह पठानकोट स्थित 254वें आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन में शामिल हो गए थे।
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रणजीत सागर झील - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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रणजीत सागर बांध की झील में दुर्घटनाग्रस्त हुए सेना के हेलीकॉप्टर के को-पायलट कैप्टन जयंत जोशी का शव हादसे के दो महीने 13 दिन बाद बरामद कर लिया गया। शव को रविवार दोपहर करीब 2:30 बजे झील से बाहर निकाला गया। उनके पार्थिव शरीर को पठानकोट के सैन्य अस्पताल में रखवाया गया है। बता दें, तीन अगस्त को रणजीत सागर डैम (आरएसडी) झील में बसोहली (जेएंडके) के पुरथू के निकट सेना का ध्रुव एएलएच मार्क-3 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें लेफ्टिनेंट कर्नल एएस बाथ और कैप्टन जयंत जोशी सवार थे। हेलीकॉप्टर ने मामून कैंट से 3 अगस्त सुबह 8:30 बजे उड़ान भरी थी।

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एरिया के घने जंगल व झील के इर्द-गिर्द रुटीन प्रैक्टिस की जा रही थी। सुबह 10:50 बजे हेलीकॉप्टर झील के लेवल के काफी नजदीक उड़ान पर आ गया। अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और झील में जा गिरा। बचाव अभियान के दौरान 15 अक्तूबर को लापता लेफ्टिनेंट कर्नल एएस बाथ का शव बरामद कर लिया गया था।

उसके बाद नौ सितंबर को हेलीकॉप्टर का मलबा भी ढूंढ लिया गया था। बचाव दल को कैप्टन जोशी को खोजने में सफलता नहीं मिल रही थी। रविवार को दो माह 13 दिन बाद झील से उनका शव भी बरामद कर लिया गया।

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