पंजाब में बीएसएफ का दायरा 50 किलोमीटर तक बढ़ाने के फैसले को विधानसभा में रद्द करने के दो दिन बाद सीमा सुरक्षा बल की पंजाब फ्रंट की आईजी सोनाली मिश्रा ने एक बयान दिया है। इस बयान में आईजी ने साफ किया है कि पंजाब में बीएसएफ का दायरा बढ़ाया जाना क्यों जरूरी हो गया था। मिश्रा ने कहा कि पंजाब में ड्रोन का खतरा बढ़ा है, जिसके लिए बीएसएफ का दायरा 50 किलोमीटर तक बढ़ाना जरूरी था। सोनाली मिश्रा शनिवार को जालंधर के बीएसएफ हेडक्वार्टर में मीडिया से बातचीत कर रही थी।
पंजाब फ्रंट की पहली महिला आईजी सोनाली मिश्रा का कहना है कि पुलिस व बीएसफ के कामकाज का तरीका अलग है लेकिन दोनों में खासा तालमेल है। बीएसएफ को मामला दर्ज करने का अधिकार नहीं है और न ही हम जांच कर सकते हैं। भारत में कानून आईपीसी की धारा में चलता है लेकिन बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में आईपीसी नहीं है। हमारा अधिकार क्षेत्र 15 से बढ़कर 50 किमी होने से एक्ट या कानून में कोई बदलाव नहीं आया। जैसे पहले तालमेल से काम चलता था, उसी तरह चलता रहेगा। बीएसएफ 1965 से पंजाब में है और स्थानीय पुलिस के साथ अच्छा तालमेल रहा है।
बीएसएफ सीमा से नशे या हथियारों की बरामदगी करती है तो उसे पंजाब पुलिस या एनसीबी को दे देती है। पुलिस या अन्य एजेंसियां उन पर केस दर्ज करती हैं। मामले की जांच करके आरोपियों को गिरफ्तार करती हैं। कोर्ट में चार्जशीट दायर करती हैं। पंजाब पुलिस की केस दर्ज करने और जांच का अधिकार व कोर्ट में ट्रायल का अधिकार बरकरार रहेगा। बीएसएफ सिर्फ उन्हें सहयोग करके मजबूत करती रही है।
सोनाली मिश्रा ने बताया कि पहले ड्रोन कम ऊंचाई पर उड़ते थे। उन्हें एक से डेढ़ किमी के बीच ऑपरेट किया जाता था। उनकी आवाज आती थी और लाइट भी ब्लिंक करती थी। हम इन्हें पकड़ लेते थे।अब स्मगलरों ने अच्छी क्वालिटी के ड्रोन ले लिए हैं। वह ज्यादा ऊंचाई पर उड़ते हैं। वह ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम से चलते हैं। उसे लोकेशन सेट करके छोड़ दिया जाता है। वह तय जगह के 5 से 10 मीटर के दायरे में ड्रग्स या हथियार उतारकर वापस अपनी लोकेशन पर लौट जाता है। हमारे सामने आया है कि जहां डिलीवरी उतरती है, वहां स्मगलर पहले ही तैयार रहते हैं। वह तुरंत सामान उठाकर भाग जाते हैं। ड्रोन अगर 250 से 300 मीटर तक उड़े तो देखा जा सकता है, लेकिन हाइट अगर एक किमी तक होगी तो उसे कोई देख नहीं पाएगा।
अभी बीएसएफ 15 किमी तक पेट्रोलिंग करती है। इसके बाहर कहीं ड्रोन उतरेगा तो बीएसएफ को पता नहीं चलेगा। अब बीएसएफ नए अधिकार क्षेत्र में पेट्रोलिंग करेगी तो इतने बड़े दायरे में उन्हें पकड़ना आसान होगा। बाकी नियम वही रहेगा कि पता चलते ही पंजाब पुलिस को साथ लेकर कार्रवाई की जाएगी। बीएसएफ काउंटर ड्रोन तकनीक भी लेकर आ रही है। अभी बीएसएफ ने इंटरनेशनल बॉर्डर के 6 किमी के भीतर उतरते ड्रोन को पकड़ा है। जिसमें अमृतसर में 6 किलो हेरोइन पकड़ी गई थी। ड्रोन को डिटेक्ट करने के लिए एयरफोर्स की भी मदद ली जा रही है। उनके पास ऐसे रडार हैं, जिनकी मदद से इन्हें ऊंचाई पर बिना लाइट और आवाज के उड़ते हुए भी पकड़ा जा सकता है। 2019 में 12, 2020 में 32 और 2021 में अब तक 45 ड्रोन मिल चुके हैं।
इस साल अब तक बीएसएफ 387 किलो हेरोइन बरामद कर चुकी है। 55 हथियार पकड़े गए। 6 घुसपैठिए और स्मगलर मारे गए। बीएसएफ पंजाब पुलिस और एनसीबी के साथ मिलकर जॉइंट ऑपरेशन करती है। मिश्रा ने कहा कि बीएसएफ 1969 से ही पासपोर्ट, एनडीपीएस, कस्टम, आर्म्स, कुछ सीआरपीसी की प्रोविजन के तहत कार्य कर रही है। बीएसएफ पंजाब में 1965 से है और पंजाब पुलिस के साथ पूरे तालमेल से काम कर रही है।